IPL

Hanso Hansao Khoon Badhao

101 Posts

2965 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 652 postid : 1502

उत्तर-प्रदेश मैं रोचक चुनावी घमासान

Posted On: 30 Jan, 2012 में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

UPE

दोस्तों उत्तर – प्रदेश के चुनाव घोषित हो चुके हैं और और चुनाव की बजह से उत्तरप्रदेश की राजनीति मैं भूचाल सा आ गया है, और राजनीतिज्ञों के चरित्रानुसार सारी राजनीतिक पार्टियां मतदाताओं को रिझाने के लिए उनके आस-पास ऐसे भिनभिनाने लगीं हैं जैसे गुड देखकर मक्खियाँ भिनभिनाती हैं !

जैसा कि हम सभी जानते हैं की उत्तर प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव मैं माया की छाया ने मुलायम सिंह जी की कठोर साईकिल को पंक्चर कर, भाजपा के फूल को धूल मैं मिलाते हुए, कांग्रेस के कटे हाथ को शोले के ठाकुर के कटे हाथों की तरह करके प्रदेश की सत्ता पर अपना हत्था जमाया था ! और प्रदेश की जनता ने बड़े विश्वाश के साथ देश के दिल कहे जाने वाले प्रदेश उत्तरप्रदेश की बागडोर उनके हाथों मैं सौंपी थी, प्रदेश की जनता ने सोचा था की माया, महामाया बनके प्रदेश की काया पलट देगी, मगर उनकी सरकार ने जितना भी कमाया कुछ उनके हाथी पार्कों ने और कुछ उनके चमचों ने खाया ! मगर भोली जनता ने कुछ न पाया, बल्कि माया जी ने चुनाव से ठीक पहले प्रदेश को कद्दू समझ कर कह दिया कद्दू कटेगा और चार बेतुके भागों मैं बंटेगा ! पिछली बार तो मायावती जी अपने तथाकथित दलित वोट और मुलायमसिंह जी की आतताई सरकार से आजिज आ चुके सवर्ण वर्ग के सहयोग से पूर्ण बहुमत से हाथी पर बैठकर लखनऊ पहुँच गई थी मगर लगता है इस बार उनकी डगर इतनी आसान नहीं होने वाली है, और अन्य राजनितिक पार्टियां भी इस बात को भांपते हुए पूरे जोशो खरोश से देश के इस सबसे महत्त्वपूर्ण प्रदेश की सत्ता पर आसीन होने के लिए एड़ी छोटी का जोर लगा रही हैं ! इसी के चलते सभी पार्टियों ने अपने – अपने प्रमुख खिलाडी इस चुनाव रूपी पिच पर उतार दिए हैं ! फिर चाहे वह देश की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा हो, जिन्होंने अपनी बागी खिलाडी सुश्री उमाभारती को उत्तर प्रदेश के चुनाव मैं ये सोच कर मैदान मैं उतारा हो कि जैसे लोहा लोहे को काटता है, जहर – जहर को मारता है वैसे ही नारी – नारी को काटती है और वे मायावती की काट उमाभारती से करवाना चाहती है ! वहीँ पिछले चुनाव मैं मुलायम सिंह जी की साईकिल की हवा पहले ही मायावती जी के हाथी के बैठ जाने से निकल गई थी, वहीँ रही-सही कसर मुलायम सिंह जी के पंक्चर सुधारक अमर सिंह जी के पार्टी छोड़ने ने पूरी कर दी, अत: इस चुनाव मैं भी यदि माया जी के हाथी ने मुलायम सिंह जी की कम हवा वाली साइकिल पर पैर रख दिया तो उनकी साइकिल तो सदा के लिए वर्स्ट हुई समझो, पर वह अपने पिछले चुनाव के बिछड़े मुस्लिम राजनीतिक भाई आजम खान से भरत मिलाप कर चुके हैं इस आशा के साथ की कल्याण सिंह की वजह से जो मुस्लिम मतदाता उन्हें छुआछूत की बीमारी समझ कर दूर भाग गए थे वे फिर से उन्हें अपना मसीहा समझ कर वोट दें !
वहीँ देश की सत्तारूढ़ पार्टी ने भी अपने नए राजनीतिक बबलू को कटोरा लेकर कांग्रेस के बैड बॉय दिग्गी राजा के साथ खुला छोड़ दिया है, कि वे उत्तर प्रदेश मैं अपना कटोरा लेकर जाएँ और उत्तर प्रदेश मैं कॉंग्रेस को ढूंढते रह जाओगे की स्तिथि से बाहर निकाल कर लाएं और इसके लिए उन्हें अपना चुनावी कटोरा किसी भी मत रूपी दाता के सामने फैलाना पड़े तो फैलाए ! और उनके ऊपर इस कटोरे का असर ये हुआ कि जिन लोगों से उन्हें मत रूपी भिक्षा मांगनी थी उसी उत्तर प्रदेश के दाता को उन्होंने कटोरा थमा कर भिखारी करार दे दिया, बेडा गर्क, एक तो वैसे ही कॉंग्रेस के भ्रष्ट मंत्रियों ने सरकार की नाक सूपनखा की भांति कटवा दी है, ऊपर से राहुल जी ने उमाभारती जी को पूतना कहकर उन्हें अपना शत्रु बना लिया है, जो चुनाव तक उनका पीछा आसानी से छोड़ने वाली नहीं है ! एक और रोचक घटना इस चुनाव मैं चुनाव आयोग ने मायावती जी के विशालकाय हाथियों को ढकने के आदेश देकर जोड़ दी है ! और ये तय कर पाना मुश्किल है की चुनाव आयोग के इस आदेश से मायावती जी की सरकार को नुक्सान पहुँच रहा है या लाभ क्योंकि चुनाव आयोग के इस हाथी ढकू आदेश से मायावती जी के वोटर्स मैं ये सन्देश जा रहा है की मायावती जी ने प्रदेश के लिए कुछ किया हो न किया हो किन्तु हाथी और हाथिवालों के लिए काफी कुछ किया है, जिससे उनके पारंपरिक वोटर्स मैं उनकी आस्था बढती ही नजर आ रही है ! बहरहाल चुनाव मैं जो भी नतीजा आये, मगर इन सब घटनाओं से उत्तरप्रदेश का चुनाव रोचक बहुत हो गया है !


लिखने को और भी बहुत कुछ है मगर अब खत्म करता हूँ इस विनम्र अपील के साथ की अपने मत का समुचित प्रयोग अवश्य करें मतदान वाले दिन को अवकाश का दिन न समझे और अच्छी सरकार चुनने मैं अपना योगदान दें जिससे हमारा राष्ट्र और उन्नति की दिशा की ओर अग्रसर हो !

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (10 votes, average: 4.40 out of 5)
Loading ... Loading ...

65 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ANAND PRAVIN के द्वारा
February 11, 2012

सचिन जी,नमस्कार आपसे सहयोग की अपेक्षा है, कृपया मेरे पोस्ट को पढ़ें ये हम सब के लिए है

    allrounder के द्वारा
    February 13, 2012

    नमस्कार भाई आनंद प्रवीण जी, आपकी नई पोस्ट पढ़ी मैंने और यही सोच रहा हूँ किस प्रकार से आपका सहयोग करूँ और आपके लेख पर क्या लिखू मैं ? :)

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
February 11, 2012

प्रिय सचिन भाई सच में आप के बताये गए इन सब वाक्यात से रोचकता और बढ़ गयी है देखना है जोर कितना कटोरे वालों हाथी ढकू और पूतना कह के उनसे भिड़ने वालों में है ….जो भी हो मतदाता के तो सभी मिल कर शत्रु बन जाते हैं उन्हें मदहोश बेहोश कर अपना उल्लू सीधा कर फिर सब मिल जाते हैं एक तवे पर रोटी …. जय श्री राधे भ्रमर ५

    allrounder के द्वारा
    February 13, 2012

    नमस्कार भाई शुक्ल जी आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए आपका हार्दिक आभार !

R.N.Singh के द्वारा
February 10, 2012

महोदय, बड़े दुःख की बात है कि बालकों का निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 दिनांक 1-4-2010 से पूरे देश में लागू है किन्तु उत्तर प्रदेश में कम्प्यूटर शिक्षा हेतु यह आज तक नहीं लागू है जबकि कम्प्यूटर विषय कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है।उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में कम्प्यूटर शिक्षा पूरी तरह अरबों, खरबोें रूपये के भ्रष्टाचार, अराजकता, कम्प्यूटर शिक्षकों के शोषण तथा सरकारी लूट को समर्पित है। बालकों का निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 38 के अनुसार उत्तर प्रदेश निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार नियमावली 2011 बनायी गयी जिसकी धारा 18 ;1द्ध के ;खद्ध में यह स्पष्ट उल्लेख है कि विद्यालय किसी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह या संगठन के लाभ या किन्हीं अन्य व्यक्तियों के लाभ हेतु संचालित नहीं है। फिर भी कम्पनियों को लाभ पहुॅंचाने के उद्देश्य से सरकारों द्वारा कम्पनियों को कक्षा 6,7 व 8 की कम्प्यूटर शिक्षा ठेके पर दे दी गयी। अनुबन्ध के अनुरूप This Agreement shall be governed by the law of India बालकों का निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होते ही स्वतः ही शून्य होकर समाप्त हो जाता है। उत्तर प्रदेश निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार नियमावली 2011 धारा 23;3द्ध के बिन्दु 18 जो शिक्षक जिस विद्यालय में शिक्षण कार्य कर रहा है उस शिक्षक पर वही वेतन, भत्ते एवं सेवा शर्ते लागू होंगी और ऐसी सेवा नियमावली से शासित होंगी जैसा कि उस विद्यालय के अन्य शिक्षकों पर लागू होती है। बड़े दुःख की बात है कि उत्तर प्रदेश में कानून एवं लोकतंत्र का राज खत्म करके कम्पनियों को लाभ पहुॅंचाने के उद्देश्य से प्रदेश में बालकों का निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धाराओं का पालन नहीं किया जा रहा है तथा छात्रों और कम्प्यूटर अध्यापकों का शोषण करके सरकार के पैसे की लूट की जा रही है। आज सभी राजनैतिक पार्टियॉ छात्रों को टेबलेट, लैपटॉप, रोजगार व शिक्षा देने की बात कर रहीं है।यहॉं यह भी विचारणीय है कि छात्रों को टेबलेट, लैपटॉप के बारे में शिक्षा कौन देगा जब कि निरन्तर कम्प्यूटर शिक्षक बेरोजगार होता जा रहा है? युवकों की बेरोजगारी कैसे दूर होगी? अब प्रश्न यह उठता है कि सरकार बनाने वाली पार्टियॉं इस मुद्दे को कितनी गम्भीरता से लेती हैं? प्रश्न यह भी उठता है कि लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के रूप मंे प्रेस और मीडिया इस मुद्दे को कितनी गम्भीरता से लेते है? क्यों कि कम्प्यूटर शिक्षकों ने पत्र और साक्ष्यों के माध्यम से इस तरफ प्रमुख राजनैतिक पार्टियों, प्रेस एवं मीडिया का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है। हम आशा करते है कि इस मुद्दे पर आप अपनी राय देंगे।

    allrounder के द्वारा
    February 13, 2012

    नमस्कार आर एन सिंह जी, काफी अच्छी जानकारियां आपने अपनी इस प्रतिक्रिया मैं दीं उसके लिए आपका हार्दिक आभार ! नि:संदेह सरकारी योजनाओं को सही से लागू न कर पाने की बजह से योजनाओं का लाभ देशवासियों को नहीं मिल पाता, किसी भी नई योजना की घोषणा से पहले यदि पुरानी लंबित और उपेक्षित पड़ी योजनाओं को सरकार गौर से देख ले तो समाज के एक बड़े वर्ग का कल्याण हो सकता है ! एक अच्छा विषय देने के लिए आपका हार्दिक आभार !

February 2, 2012

बहुत ही रोचक रीति से आपने चुनावी मैदान के रंग बयान कर दिए. और उसके साथ-साथ, अंत की ओर जाते हुए मतदान के अपील हेतु बधाई स्वीकारें! योग्य उम्मीदवार कैसा हो, इस पर भी विचार देने की आवश्यकता है. सादर.

    allrounder के द्वारा
    February 3, 2012

    हार्दिक आभार आपका अपने विचार देने के लिए !

yogi sarswat के द्वारा
February 1, 2012

सचिन जी , उत्तर प्रदेश का चुनाव हमेशा से ही देश दुनिया के लोगों और मीडिया का ध्यान हमेशा अपनी और खींचता रहा है ! इसलिए भी की बड़ा राज्य है और इसलिए भी की भारत की सत्ता का केंद्र भी यहीं कहीं से गुजरता है ! बढ़िया लेख !

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    सही कहा आपने भाई योगी जी, उत्तर प्रदेश मैं कुछ बात है जो उसने भारतवर्ष को अन्य क्षेत्रों के अलावा राजनीती के भी बड़े – बड़े महारथी दिए हैं, जिससे राजनीती मैं इस प्रदेश का महत्तव सदा ही रहता है, और यही वजह है की सारी पार्टियाँ उत्तर प्रदेश के इन विधान सभा चुनावों को आगामी लोकसभा के चुनावों की तैय्यारी के तौर पर देख रही हैं, और जो भी उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और महत्तवपूर्ण राज्य की जनता के दिलों पर राज्य करेगा उसके लिए दिल्ली की सत्ता का रास्ता खुल सकता है ! आपके विचारों के लिए आपका हार्दिक आभार !

February 1, 2012

सचिन भाई नमस्कार ! बढ़िया व्यंगातमक वर्णन उत्तर प्रदेश की राजनैतिक स्थिति का …..अच्छा लगा । लेकिन किसकी सरकार बनेगी ? इस तरफ इशारा कर दिये होते तो हम जैसे वोटरों की समस्या थोड़ी हल हो जाती.. आपको बहुत बहुत मुबारकबाद !!

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार डोक्टर साहब, सर चुनाव मै कौन जीतने वाला है ये बड़ा ही यक्ष प्रश्न होता है इसलिए इसका जवाव तो मेरे पास नहीं है, फिर भी आपकी समस्या को देखते हुए अगले आलेख मैं प्रयास अवश्य करेंगे भले ही इशारों मैं ही सही ! :) आपका हार्दिक आभार विचारों के लिए !

आर.एन. शाही के द्वारा
February 1, 2012

एक ब्लाग के माध्यम से चुनावी परिदृश्य का बड़ा सजीव चित्रण किया है सचिन जी । बधाई !

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    सादर प्रणाम शाही जी, प्रशंशा हेतु हार्दिक धन्यबाद आपका !

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
January 31, 2012

विनम्र अपील के साथ की अपने मत का समुचित प्रयोग अवश्य करें मतदान वाले दिन को अवकाश का दिन न समझे और अच्छी सरकार चुनने मैं अपना योगदान दें जिससे हमारा राष्ट्र और उन्नति की दिशा की ओर अग्रसर हो ! आदरणीय सचिन जी , सादर अभिवादन. लेख भी अच्छा और अपील भी. बधाई.

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    प्रदीप जी सादर नमस्कार उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार !

sumandubey के द्वारा
January 31, 2012

सचिन जी नमस्कार व्यंग्य भरा लेख बड़ा सटीक और रोचक है

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    सादर नमस्कार सुमन जी, आपकी सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार !

sadhana thakur के द्वारा
January 31, 2012

सचिन जी ,ये तमाशा तो लगा ही रहेगा ,,आगे -आगे देखिये होता है क्या ………..

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    सादर नमस्कार साधना जी, सही कहा आपने चुनावों तक ये चुनावी तमाशा यों ही चलता रहेगा ! आपका हार्दिक आभार साधना जी !

manoranjanthakur के द्वारा
January 31, 2012

यु पी यानि पूरा उठा पटक बहुत सुंदर सब्दो का संयोजन बहुत बधाई

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार भाई मनोरंजन जी, बहुत ही मनोरंजक नाम दिया आपने u p मतलब उठापटक प्रदेश ! आपका हार्दिक आभार !

rachna varma के द्वारा
January 31, 2012

बहुत रोचक और मनोरंजक शैली में आपने लिखा है सच में उत्तर प्रदेश में जबर्दस्त घमासान मचा हुआ है धन्यवाद |

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार रचना जी, चुनावी घमासान पर आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया पर आपका हार्दिक आभार !

Gagan के द्वारा
January 31, 2012

सचिन भाई नमस्कार बहौत ही बढ़िया विश्लेसन प्राया प्राया सभी पार्टियों का और वो भी व्यंग मे इस के लिय बधाई आप को | अब देखते है मतदाता की किस पर कृपा होती है |

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    सादर नमस्कार भाई गगन जी, भाई ये राजनेता पांच साल तक तो आम जनता से व्यंग करते रहते हैं बस चुनावी माहौल मैं मौका मिला तो सोचा चलो इन पर भी व्यंग कर देते हैं ! :) आपकी सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार !

krishnashri के द्वारा
January 31, 2012

मान्यवर महोदय , नमस्कार , सुन्दर ,व्यंगात्मक परन्तु तथ्य से भरा , बधाई .

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    सादर नमस्कार मान्यवर आपका हार्दिक आभार अपने अनमोल विचार देने के लिए !

mparveen के द्वारा
January 31, 2012

सचिन जी राम – राम , घणा बढ़िया लाग्या चुनाव मैदान का सीधा प्रसारण . इतने चौके और छक्के मार दिये अक तारीफ करे बिना रह्या भी ना जाता . चलो चौखा करया . इब देखो जनता के फैसला करेगी . जितने ताम झाम कर जाना थे कर लिए . जो पासे फैकने थे फैंक लिए आखिरी फैसला ते जनता ने ये करना से . बधाई हो घंणी सारी……

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार प्रवीण जी, जहाँ तक मुझे थोड़ी बहुत जानकारी है तुस्सी ते पंजाबी हो ??? फिर ये राजस्थानी वो भी इतनी घणी चोखी मैं कमेन्ट मने घणा आश्चर्य होवे है, पण मजा आया आपकी प्रतिक्रिया पढ़कर ! :) :):)

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    प्रवीण जी आपकी प्रतिक्रिया पूरी समझने के लिए लगता है किसी राजस्थानी से मित्रता करनी पड़ेगी :) :):) !

    mparveen के द्वारा
    February 2, 2012

    sachin ji for ur kind information i m pure haryanvi jaat (हरयाणवी जाट ). n i try to comment in haryanvi language . my comment means u r post is superb. i enjoy so much when i read this . thanxxxxxxxxxx n lot of ha ha ha ha ha ha ha i dont know how to use smile so adjust with ha ha ha ha ha ha ….

    allrounder के द्वारा
    February 2, 2012

    Thank you very much praveen ji to explain your comment n I am very happy to know that you have enjoyed my article n I like your Haryanvi language very much with lot of :) :) :) :)

abodhbaalak के द्वारा
January 31, 2012

ह्म्म्म सचिन भाई, लगता है की इलेक्शन कमीशन ने आपको भी ………….. सुन्दर आह्वान, और सुन्दर जानकारी देता लेख, (भले ही पार्टियों की जो की सब ही …) http://abodhbaalak.jagranjunction.com

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    :) :):) अबोध भाई ये आधी बात करके छोड़ने की आदत ख़त्म करो भाई अब मुझे तो घंटे लगेंगे ये सोचने के लिए की सचिन भाई, लगता है की इलेक्शन कमीशन ने आपको भी ………….. ! आपके प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार !

vinitashukla के द्वारा
January 31, 2012

विभिन्न दलों के ऊपर, बड़ी ही सधी हुई रोचक भाषा में की गयी, यह छींटाकशी सराहना के योग्य है. बधाई एवं साधुवाद.

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार विनीता जी, आपकी सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार !

dineshaastik के द्वारा
January 31, 2012

सचिन जी नमस्कार, चुनावों का सुन्दर हास्य एवं व्यंगात्मक चित्रण सराहनीय….. कृपया इसे भी पढ़े- नेता, कुत्ता और वेश्या

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    आपका नया आलेख मैंने पढ़ा दिनेश जी, बेहद रोचक है, इसके लिए आपको हार्दिक बधाई !

dineshaastik के द्वारा
January 31, 2012

सचिन जी नमस्कार, चुनावों का सुन्दर हास्य व्यंगात्मक चित्रण….. सराहनीय…….. कृपया इसे भी पढ़े- नेता, कुत्ता और वेश्या

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार दिनेश जी, आलेख पर आपके विचारों के लिए आपका हार्दिक आभार !

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    दिनेश जी, जिस प्रकार से चुनाव मैं एक उम्मीदवार कभी – कभी २ जगह से चुनाव लड़ता है उसी प्रकार से आपने मेरे चुनावी विश्लेषण से प्रभावित होकर दो बार प्रतिक्रिया कर दी ! :) :) इसके लिए आपका फिर से आभार !

minujha के द्वारा
January 31, 2012

चुनावों को इतना रोचक बना कर प्रस्तुत करने के लिए आपको बधाई,सचिन जी

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार मीनू जी, आपको हमारी चुनावी प्रस्तुति रोचक लगी इसके लिए आपका हार्दिक आभार !

jlsingh के द्वारा
January 31, 2012

सचिन भाई, नमस्कार! आपकी काबिले तारीफ रोचक प्रस्तुति पर बधाई! आपने सबकुछ का निचोड़ रख दिया है तो मैं भी अपना विचार रख दूं. पंजाब और उत्तराखंड के चुनाव में वोटों का प्रतिशत बढ़ना या दिखलाता है की जनता में चुनाव के प्रति जागरूकता बढ़ी है और उनके आक्रोश बदलाव देखना चाहती है. यह बात अलग है कि उत्तर प्रदेश में विकल्प एक नहीं कई हैं इसलिए नतीजों के बाद एक बार पुन: ध्रुवीकरण की राजनीती तेज होगी और उसमे जो आगे निकल जाये वही सत्तासीन होगी. यह मेरा अनुमान है बाकी तो बड़े बड़े महारथी इस पर नजर गराए हैं……

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार जे एल सिंह जी, सचमुच पंजाब और उत्तराखंड मैं हुए मतदान मैं जनता का उत्साह देखना इस बात की अलामत है की जनता मतदान के प्रति जागरूक हो रही है, और जनता के मन मैं यदि सत्ता के प्रति कोई आक्रोश है तो उसे व्यक्त करने का सबसे लोकतान्त्रिक और सर्वमान्य हथियार मत ही है, जिसका प्रयोग जनता को विवेकानुसार करना चाहिए ! बाकी ये राजनीती का खेल बड़ा ही पेचिंदा होता है जिसे नग्न आँखों से देखने पर कुछ समझ नहीं आता की कौन कब किसको मात दे दे ! आपके बहुमूल्य विचारों के लिए आपका हार्दिक आभार !

akraktale के द्वारा
January 31, 2012

सचिन जी नमस्कार, चुनाव मैदान से सीधा आँखों देखा हाल आपने प्रस्तुत किया है और अंत में सरकारी सन्देश को अपनी आवाज भी.अब देखते हैं हाथी किस करवट बैठता है.साधुवाद.

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार रक्तले जी, आपका हार्दिक आभार अपने अनमोल विचार देने के लिए ! आपने सही कहा चुनाव का ये उठ किस करवट बैठता है ये देखना काफी रोचक होगा !

sinsera के द्वारा
January 30, 2012

सचिन जी, नमस्कार, मतदान वाले दिन के लिए हम ने अपनी सब से सुन्दर गोटा सितारा लगी साड़ी भी निकाल के रख ली थी लेकिन आप के लेख ने कुछ कंफयूज़ कर दिया . सभी उम्मीदवार एक से बढ़ कर एक नज़र आ रहे हैं. वोट किस को दें????

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार सरिता जी, आप आई ब्लौग पर हमारे खुदा की किस्मत है, कभी हम आपको कभी आपकी गोटेदार साडी को देखते हैं जो आपने चुनाव वाले दिन के लिए निकाल कर रखी थी, मगर हमें बेहद अफ़सोस है की हमारे आलेख की बजह से आप दिग्भ्रमित हुई की किसको वोट दें, उसके लिए तो सिर्फ यही कहूँगा की अपने स्वविवेक से ऐसे उम्मीदवार को वोट दें जो की आपके मत से एक अच्छी सरकार बना सके ! आपका हार्दिक धन्यबाद सरिता जी !

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    सरिता जी, आपकी मतदान की सिचुएस्शन पर एक गीत याद आ रहा है जब आप मत दान कर आयें तो बताइयेगा मैं उसे तभी पेश करूँगा :) :):) धन्यबाद !

    sinsera के द्वारा
    February 1, 2012

    सचिन भाई नमस्कार, मतदान वाले दिन आप को एक से बढ़ कर एक गोटेदार साड़ियाँ देखने को मिलें गी, लेकिन वो आप की ‘किस्मत’ होगी खुदा की नहीं. उस दिन इस शेर को सही कर के कहिये गा….. “हमने देखी गोटेदार साड़ियाँ खुदा की ‘कुदरत’ है…”

    sinsera के द्वारा
    February 1, 2012

    सचिन जी, आपको बताने की ज़रूरत नहीं पड़े गी.जिस तरह उम्र और तजुर्बा आप से ज्यादा है उसी अनुपात में मैं ने फिल्में भी आप से ज्यादा देख रखी हैं. आप को कौन सा गाना याद आया है ये मेरी समझ में आ गया…

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार बहिन जी, हम जैसे व्यंगकारों की यही दिक्कत है न कभी मैं तो शेर लिखते हैं और बो भी दूसरे का और कमबख्त ये शेर भी धोखा दे गया, खैर सरिता जी आपके तजुर्बे को सलाम हमारा बेशक आपने फ़िल्में भी हमसे ज्यादा देखी होंगी और गीत तक भी आप पहुँच ही गई होंगी, और अब आप वही गीत गुनगुनाते हुए वोट डालने जाएँ, और अपने मत का प्रयोग करें :) :):) ! एक बार फिर से आपका हार्दिक धन्यबाद !

ANAND PRAVIN के द्वारा
January 30, 2012

सचिन जी, नमस्कार माफ़ कीजिएगा में पहली बार आपके ब्लॉग पर आया हूँ आपका लेख पढ़ा पढ़ कर हंसी भी आई और निरासा भी हुई की भाई सरकार किसी की नहीं बनवाई आपने अब व्यंग के द्वारा ही सही कम से कम एक की तो सरकार बनवा दीजिये

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार भाई आनंद प्रवीण जी, ख़ुशी हुई आपके प्रथ्माग्मन पर और ये जानकार और भी ख़ुशी हुई की आपको हमारा ये लेख पढ़कर ही सही हंसी तो आई ! मगर भाई निराश होने की जरुरत नहीं है सरकार किसकी बनेगी ये तो परिणाम आने के बाद ही पता चल पायेगा, और मैंने भी काफी प्रयास किया मगर समझ मैं नहीं आया इसलिए नहीं लिख पाया ! अगले लेख मैं फिर से कोशिश करेंगे और शायद किसी की सरकार बनवा ही देंगे, भले ही व्यंग मैं ही सही ! :) :) :)

rajkamal के द्वारा
January 30, 2012

प्रिय सचिन भाई …… सप्रेम नमस्कारम ! माया वोह भी ठगिनी है और यह वाली भी ….. दोनों के बारे में ही सभी जानते और समझते है लेकिन इस माया के भाग्य में शायद इस बार जनता जनार्दन को ठगना नहीं लिखा है ….. हा हा हा हा हा हा हा हा

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार राजकमल भाई, आपने बिलकुल सही कहा माया हमेशा ठगिनी होती है, और इन्सान लाख दामन बचाए फिर भी ये ठग ही लेती है, आशा है इस मर्तवा जनता इस बार इसके मोह से बचे ! :) :)

roshni के द्वारा
January 30, 2012

सचिन जी नमस्कार चुनाव की कमेंट्री पढ़कर मजा आया … काफी interesting तरीके से बयाँ किये आपने उत्तरप्रदेश के हालत और जी हाँ हम सब वोते जरुर डालेगे ताकि अच्छी सरकार आये… आभार

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    नमस्कार रौशनी जी, आपको हमारी चुनावी कोमेंट्री इंट्रेस्टिंग लगी, ये जानकार हमें आगे और इंट्रेस्टिंग लिखने का हौसला मिला ! वैसे रौशनी जी आपकी प्रतिक्रिया भी काफी इंट्रेस्टिंग होती है और उसमे आपके लिखे एक शब्द “वोते” का अर्थ मैं समझ नहीं पा रहा हूँ :) :) :)

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    रौशनी जी, मुझे लगता है वोते से आपका तात्पर्य वोट से है ???? :) :)

    roshni के द्वारा
    February 2, 2012

    सचिन जी आप महान व्यंगकार है खुद ही मतलब समझ जाये… जब आप चुनाव का व्यंगात्मक मतलब समझ सकते है तो वोते (जो की एक टाइपिंग गलती है ) का असली मतलब समझने में भी कोई परेशानी न होगी …. interesting लेख की प्रतिक्रिया भी तो interesting ही होनी चहिये…

    allrounder के द्वारा
    February 2, 2012

    धन्यबाद रौशनी जी, फिर से इंट्रेस्टिंग कमेन्ट के लिए :)

RAJEEV KUMAR JHA के द्वारा
January 30, 2012

रोचक आलेख.मजेदार चित्र.बधाई ! सचिन जी.

    allrounder के द्वारा
    February 1, 2012

    आपका हार्दिक धन्यबाद राजीव जी, उत्साहवर्धन के लिए !


topic of the week



latest from jagran