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Hanso Hansao Khoon Badhao

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कारवां गुजर गया .......... ( व्यंग )

Posted On: 22 Nov, 2011 Others में

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SDCनमस्कार, आदाब, साथियों मै सचिन देव अपने फुल्ली फ़ालतू S.D. CHAINAL पर आप सभी दर्शकों का हार्दिक स्वागत करता हूँ, कुछ अटपटी मगर चटपटी ख़बरों के साथ, जिनका आप मजा लीजिए और मजा न आये तो इस लेख को पढकर अपने आप को सजा दीजिए… खैर दोस्तों आज हमारे चैनल की CREATIVE TEAM ने एक नया आइडिया मुझे दिया है की मै कुछ नेताओं और देश की बड़ी हस्तियों से मिलकर उनसे कुछ चटपटे सवाल पुछूं मगर शर्त ये है की उसका उत्तर किसी फ़िल्मी गीत मै होना चाहिए, मैंने सोचा यार ये तो बड़ा मुश्किल टास्क दे दिया मुझे किन्तु मैंने कहा चलो ठीक है यार नया आइडिया है कुछ नया सीखने को मिलेगा तो मै भी निकल लिया अपना नया माइक उठाकर ऐसी हस्तियों की तलाश मैं जो मेरे अटपटे प्रश्नों के चटपटे जवाव फ़िल्मी गीत मै दे सके …

सबसे पहले मेरी मुलाकात हुई कोंग्रेस के हॉटेस्ट स्पीकर दिग्विजय सिंह जी से मैंने सोचा यार इनसे बेहतर इंसान तो आज की तारीख मै कोई हो ही नहीं सकता मेरे अटपटे सवालों के चटपटे जवाव देने के लिए ये तो वैसे ही आजकल अटपटे बयान देने के लिए दबंग फिल्म की मुन्नी की तरह बदनाम हो रहे हैं चलो पारी की शुरुआत इन्ही से करते हैं … ..

दिग्विजय सिंह जी नमस्कार, क्या बात है आजकल तो आप छाये पड़े हो समाचारों मैं, बड़े – बड़े विपक्षी नेता आजकल आपके निशाने पर हैं, आप से सिर्फ एक ही प्रश्न है मेरा, कि आप किसी के बारे मैं भी बोलने से पहले उसे तोलते नहीं क्या? शायद आपने वो कहावत नहीं सुनी तोल – मोल के बोल? आखिर आप ऐसा क्यों और किसकी मर्जी से करते हैं ? और दिग्विजय सिंह जी कृपया अपना जवाव किसी फ़िल्मी गीत मैं दीजिए !

सुनिए दिग्विजय सिंह जी ने कौन सा गीत गाया

“ मेरी मर्जी …..
मैं चाहे ये करूँ मैं चाहे वो करूँ
गोरे को मैं कहूँ काला
जीजा को मैं कहूँ साला
मेरी मर्जी ….
मैं जिसपर चाहे कीचड उछालूं मेरी मर्जी
मैं संसद को मैला कर डालूं मेरी मर्जी
मैं रामदेव को ठग बतलाऊं मेरी मर्जी
मैं अन्ना को ढोंगी बतलाऊं मेरी मर्जी
मेरी मर्जी … मेरी मर्जी …

वाह वाह … बहुत खूब दिग्विजय सिंह जी, क्या गीत सुनाया मेरी मर्जी सही कहा नेता जी लोकतंत्र मैं बोलने की स्वतंत्रता का सही फायदा तो आप ही उठा रहे है! इतना कहकर मैं आगे बढ़ा दिग्विजय सिंह जी बोले, अरे पूरा गाना तो सुनते जाइए ! मैंने कहा नहीं सुनना ! बो बोले क्यों ? मैंने कहा मेरी मर्जी और उन्हें धन्यबाद कहकर मैं आगे बढ़ा तो सौभाग्य से मेरी मुलाकात लालू जी से हो गई मैंने तुरंत उन्हें लपका और अपना प्रश्न उन पर दागा !

लालू जी नमस्कार आपकी पार्टी का हाल तो वेस्टइंडीज की क्रिकेट टीम की तरह हो गया जैसे पहले वेस्टइंडीज क्रिकेट जगत पर राज्य करती थी आप बिहार पर राज्य करते थे, मगर आज आप चुनाव मैं अपनी बुझी हुई लालटेन लेकर अपनी पार्टी से अकेले सांसद हैं जो संसद मैं बैठे अपनी तूती बजाते दिखाई देते हैं, अपनी इस दशा या दुर्दशा पर आप कौन सा गीत हमारे दर्शकों को सुनाना चाहेंगे ?

“ हट बुड़बक, अरे अप डाउन तो आदमी की जिंदगी मैं लौगा ही रौहता है, ओ मा काउन् सा ससुरा पहाड़ टूट पड़ा , हम किंग मेकर हूँ, हम अकेला ही ससुरा पूरी के पूरी फ़ौज के बराबर हूँ हम अकेला हूँ तो का हुआ हम ये गीत गाकर अपने आप को प्रेरणा देता हूँ …

चल अकेला… चल अकेला… चल अकेला.. चल अकेला…
तेरा मेला पीछे छूटा लालू चल अकेला
चल अकेला… चल अकेला… चल अकेला…
ओ तेरा मेला पीछे छूटा लालू चल अकेला ……..

वाह वाह लालू जी वाह वाह व्हाट अ इन्स्पायरिंग सौंग सर जी ….

लालू जी को उनके मेले मैं अकेले छोड़ कर हम आगे बढे तो हमें भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री लालकृष्ण आडवानी जी टकराए जो की उसी पथ से अपने रथ को लेकर गुजर रहे थे किन्तु देश के अधिकतर पथों की भांति ही उस पथ की हालत भी जर्जर हो चुकी थी, अत: उस गढ्ढा युक्त पथ मैं भाजपा के इस महारथी के रथ का पहिया महाभारत के धुरंधर कर्ण के रथ की तरह धंस गया और ८४ वर्ष की उम्र मैं भी आडवानी जी अपने रथ का फंसा पहिया निकालने का भागीरथी प्रयास करते नजर आये … उन्हें ऐसा करते देख हमारे मुंह से बरबस निकल पड़ा ८४ साल के बूढ़े या ८४ साल के जवान .. आडवानी जी सादर प्रणाम, सर आप धन्य हैं जो अभी भी प्रधानमंत्री बनने की लालसा मैं भाजपा का इतना भारी भरकम रथ अकेले ही खींचने का प्रयास कर रहे हैं, सर अपने इस भागीरथी प्रयत्न के बारे मैं कोई फ़िल्मी गीत सुनाइए हमारे दर्शकों को ! सुनिए आडवानी जी का गीत ….

हम होंगे कामयाब… हम होंगे कामयाब …
हम होंगे कामयाब एक दिन….
हो हो मन मैं है विश्वास पूरा है विश्वास
हम होंगे कामयाब एक दिन …..

बहुत बढ़िया आडवानी जी बहुत बढ़िया इस उम्र मैं भी कामयाब होने की ललक की ये झलक तो भाजपा के किसी युवा नेता मैं भी दिखाई नहीं देती जो आप मैं दिखाई देती है, जय श्री राम ! प्रभु श्री राम आपकी पार्टी की नैय्या एक बार तो केंद्र मैं पार लगा ही चुके हैं इस बार फिर लगा दें इसकी हार्दिक शुभकामनायें आपको …..

जय श्रीराम का उदघोस करते हुए जैसे ही हम आगे बढे हमें वोट फॉर कैश मामले मैं फंसे महान किंग मेकर श्री श्री अमर सिंह जी अपनी पूरी टीम के साथ जेल जाते हुए दिखाई दिए … हमने पूछा अमर सिंह जी बड़े अफ़सोस की बात है की देश की सर्वोच्च सदन संसद मैं आपने ऐसे पैसे लुटवाय थे जैसे कोई नवाव मुजरा सुनते वक्त कोठे पर लुटाता है, मगर आज आपको अपने किये की सजा मिल ही गई और आपको जेल जाना पड़ रहा है ऐसी सिचुएशन मैं आप हमारे दर्शकों को कौन सा गीत सुनाना चाहेंगे ? अमर सिंह जी बिना देरी किये हुए शुरू हो गए, सुनिए क्या गाया उन्होंने …..

कौन किसी को बाँध सका… हाँ ……
कौन किसी को बाँध सका सैय्याद तो एक दीवाना है
तोड़ के पिंजरा एक न एक दिन पंछी को उड़ जाना है

बहुत खूब …. बहुत खूब अमर सिंह जी आप राजनीति के बो कालिया हैं जिसे सर से पाँव तक कितनी भी बेड़ियाँ पहना दी जाएँ मगर देश के किसी भी रणवीर सिंह की जेल कैद करके नहीं रख सकती !.. अमर सिंह जी से मिलने के बाद हमें नहीं लग रहा था की अब किसी और से हमारी मुलाक़ात होगी मगर लगता था आज हमारी किस्मत बहुत तगड़ी थी तभी तो हमें पगड़ी बांधे सामने से माननीय प्रधानमंत्री जी आते हुए मिल गए, नमस्कार सर अहो भाग्य हमारे जो हमें आपका साक्षात्कार करने का मौका मिला, सर वैसे तो आपसे पूछने के लिए ढेरों प्रश्न हैं किन्तु समय की कमी की वजह से एक ही सवाल पूछना चाहूँगा सर, आपकी सरकार मैं शामिल मंत्रीगण देश को ऐसे नोच – नोच कर खा रहे हैं जैस किसी मरे हुए जानवर को गिद्ध सामूहिक रूप से मिलकर खाते हैं और सर, सारा देश जानता है की आप इस गिद्ध भोज मैं कहीं शामिल नहीं हैं किन्तु सरकार के मुखिया होने के नाते आप अपनी सरकार के इन काले कारनामों की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते ! आप अपने भ्रष्ट नेताओं को सन्देश देने के लिए कौन सा गीत सुनायेंगे ?

मनमोहन जी बड़ी मंद मंद मुस्कान हमें देते हुए आगे बढ़ लिए किन्तु हमारे फिर से अनुरोध करने पर उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के मंत्रियों की करतूतों पर बड़े ही दुखी मन से एक गीत सुनाया आप भी सुनिए ….

स्वप्न झडे फूल से, मीत चुभे शूल से
लुट गए श्रृंगार सभी बाग के बबूल से
और हम खड़े – खड़े बहार देखते रहे
कारवां गुजर गया गुबार देखते रहे

हाथ थे मिले की जुल्फ चाँद की संवार दूं
होंठ थे खुले की हर बहार को पुकार दूं
दर्द था दिया गया की हर दुखी को प्यार दूं
और सान्द यों की स्वर्ग भूमि पर उतार दूँ
हो सका न कुछ मगर
शाम बन गई शहर
वो उठी लहर की ढह गए किले बिखर गए
और हम डरे – डरे
नीर नयन मैं भरे
ओढ़ कर कफ़न पड़े मजार देखते रहे
कारवां गुजर गया गुबार देखते रहे ….
कारवां गुजर गया गुबार देखते रहे ….

देश के प्रधानमंत्री जी ने ये गीत गाकर अपनी और देश की पूरी व्यथा व्यक्त करके हमारे भावुक मन को भी व्यथित कर दिया और हम फिर किसी और हस्ती का गीत न सुन सके! पर हमने अपने प्रधान मंत्री जी से अनुरोध किया सर आप धर्म से ही नहीं बल्कि देश के भी सरदार हैं, इस भ्रष्ट्राचार रूपी कारवां को यों मूक दर्शक बने खड़े न देखते रहें, वर्ना ये भ्रष्ट्राचारी देश के आम लोगों की सारी खुशियाँ और सपने लूटकर इस कालेधन रूपी कारवां मैं डालकर ले जायेंगे, और हमें तो इसका गुबार देखने को मिल जाए मगर हमारी आने वाली पीढियां, शायद ये गुबार भी न देख सके ! इसी विनम्र अनुरोध के साथ अपने दोस्त सचिन देव को इजाजत दीजिए इस बादे के साथ की

रहा चमन तो फूल खिलेंगे
और रही जिंदगी तो फिर मिलेंगे ….

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119 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Madan Mohan saxena के द्वारा
April 27, 2015

बहुत खूब सुन्दर ब्यंग्य काफी कुछ कहता हुआ बधाई कभी इधर भी पधारें

jyotsnasingh के द्वारा
June 25, 2012

प्रिय सचिन जी, दुसरे कमेंट्स पढ़ कर आपका नाम ज्ञात हुआ ,क्या खूब लिखते हैं आप सचमुच दिग्गी राजा,का तो वाकई अच्छा खाका खींचा है,और बाकियों का भी पर अमर सिंह जी को ज़रा कम स्पचे मिली है वो तो शेरो शायरी कुछ ज्यादा ही करते हैं.

    allrounder के द्वारा
    June 26, 2012

    नमस्कार ज्योत्स्ना जी, चलिए आखिर आपको हमारा नाम भी पता चल ही गया और आपको लेखन मैं हमारा काम भी अच्छा लगा ये जानकर हार्दिक प्रसन्नता हुई ! आपने बहुत सही लेख चुना पढने के लिए ये मेरा सबसे पसंदीदा आलेखों मैं से एक है !

Tufail A. Siddequi के द्वारा
December 8, 2011

सचिन जी अभिवादन, ब्लोग्गर आफ द वीक के लिए बहुत-२ बधाई. कम्बल में लपेटा हुआ बेहतरीन व्यंग. http://siddequi.jagranjunction.com

    allrounder के द्वारा
    December 8, 2011

    आपका हार्दिक आभार तुफैल सिद्दीकी जी, विचार देने के लिए !

Charchit Chittransh के द्वारा
December 6, 2011

मान्यवर; वधाइयां!!!!!!!!! इस लेख के ब्लोगर आफ दा वीक बनने पर विशेष प्रशन्नता हुई कि मंच पर सिर्फ कांग्रेस, आधुनिकता विरोधी एवं हिंदूवादी लेखों के अतिरिक्त समदर्शी लेखों को भी मान मिल सकता है ! पुनः वधाई !!!

    allrounder के द्वारा
    December 6, 2011

    सादर नमस्कार श्रीमान जी, बहुत प्रसन्नता हुई ये जानकर की हमारे इस लेख को सप्ताह का श्रेष्ट लेख चुने जाने पर आपकी ये सोच जो ऊपर आपने व्यक्त की है बदली है ! और यहाँ राजनीतिक और धार्मिक लेखों के अलावा अन्य विषयों के लेखों को सम्मान मिल सकता है ! वैसे क्रतिघ्नता कर रहा हूँ किन्तु मेरे विचार से शायद ऐसा नहीं है, क्योंकि मुझे दूसरी बार ये सम्मान जे जे पर प्राप्त हुआ है, और दोनों ही बार ये व्यंग रचना पर ही मिला है ! इसके अलावा मुझसे ठीक पहले हमारी एक और मंच कि साथी टिम्सी मेहता जी को ब्लोगर ऑफ़ द वीक चुना गया था ! उस लेख का विषय भी बिलकुल अलग था ! अत: मेरे विचार से हमें अपने मन से सारी भ्रांतियां निकालकर सिर्फ और सिर्फ अच्छा लिखने का प्रयास करना चाहिए ! बाकी मैं आपके विचारों को शिरोधार्य रखते हुए आशा करता हूँ आगे भी उत्साहवर्धन करते रहेंगे ! आपका हार्दिक आभार अपने बहुमूल्य विचार देने के लिए!

Dharmesh Tiwari के द्वारा
December 5, 2011

आदरणीय सचिन जी सादर प्रणाम,,,,,,,,,,,मंच पर एक बार फिर से ब्लोगर ऑफ़ द वीक चुने जाने पर हार्दिक बधाई ,,,,,धन्यवाद!

    allrounder के द्वारा
    December 5, 2011

    प्रिय भाई धर्मेश जी आपका भी एक बार फिर से हार्दिक धन्यबाद !

    allrounder के द्वारा
    December 5, 2011

    बहुत – बहुत धन्यबाद भाईसाहब !

minujha के द्वारा
December 4, 2011

बहुत बहुत बधाईयां

    allrounder के द्वारा
    December 4, 2011

    आपका बहुत – बहुत धन्यबाद मीनू जी !

alkargupta1 के द्वारा
December 4, 2011

ब्लॉगर ऑफ़ द वीक बनने पर हार्दिक बधाई , सचिन जी

    allrounder के द्वारा
    December 4, 2011

    अलका जी, आपका हार्दिक धन्यबाद !

ajeetsingh के द्वारा
December 3, 2011

वाह ! सचिन जी ,बहुत खूब कहा आप ने |इस लेख में आप ने बहुतों को आइना दिखा दिया | बहुत खूब |

    allrounder के द्वारा
    December 3, 2011

    आपका हार्दिक धन्यबाद अजीत सिंह जी प्रशंशा के लिए !

suman dubey के द्वारा
December 3, 2011

सचिन जी नमस्कार ब्लॉगर आफ द वीक बनने के लिए बधाई .

    allrounder के द्वारा
    December 3, 2011

    आपका हार्दिक आभार सुमन जी !

dinesh aastik के द्वारा
December 3, 2011

वाह सचिन जी वाह, इसे आपके शब्दों की जादूगरी कहूँ या आपका बौद्धिक कौशल। रचना पढ़ते समय ऐसा लगता है कि सचमुच आपकी इन हस्तियों से मुलाकात हुई होगी। कमाल के कला कौशल के लिये कॉमेंट के साथ करोड़ों बधाईयाँ।

    allrounder के द्वारा
    December 3, 2011

    नमस्कार दिनेश जी, चूँकि आप खुद एक रचनाकार हैं इसलिए आपकी प्रशंशा और समीक्षा मेरे लिए बहुत ही अनमोल हो जाती है ! आपका हार्दिक आभार दिनेश जी उत्साहवर्धन के लिए !

anita के द्वारा
December 3, 2011

बहुत ही सामयिक रचना

    allrounder के द्वारा
    December 3, 2011

    आपका हार्दिक धन्यबाद अनीता जी !

jlsingh के द्वारा
December 2, 2011

सचिनजी, कारवां गुजर गया! पर, सफ़र जारी रहनी चाहिए! शतक के लिए ५ और रन(कोमेंट) की जरूरत है. एक बार पुन:बधाई! हमारे सचिन alrounder यों ही स्कोर बनाते चलें!

    allrounder के द्वारा
    December 3, 2011

    नमस्कार जे एल सिंह जी, आप सब साथियों की शुभकामना रहीं तो सफ़र यों ही जारी रहेगा, और मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है इस बात की कि शतक की जो कामना आपने की थी वह आपके ही कमेन्ट पर जवाव देकर पूरी हो रही है ! इसके लिए पुन: आपका धन्याद.. शुक्रिया …. एंड थैंक्स !

roshni के द्वारा
December 2, 2011

सचिन जी नमस्कार कारवां तो गुजर गया मगर आप यहाँ रह गए और छा गए .. एक बार फिर से ब्लोगेर ऑफ़ दी वीक चुने जाने के लिए बधाई … हमेशा की तरह एक दम dhinkchika . व्यंग .. बधाई

    allrounder के द्वारा
    December 2, 2011

    नमस्कार रोशनी जी, आपका बहुत – बहुत आभार उत्साहवर्धक विचार देने के लिए, जबसे मैंने ये ब्लॉग लिखा है सोच रहा था, ये इतना बड़ा कारवां कुछ अधूरा सा क्यों लग रहा था अब जब आपका dhingchika कमेन्ट आया तब समझ मैं आया की इस कारवां मैं रोशनी की कमी थी ! आपका हार्दिक आभार रोशनी जी !

Atul Sagar के द्वारा
December 2, 2011

माननीय सचिन जी, आपके नाम से ही प्रतीत होता है की आपकी सख्सियत कैसी होगी और आपके इस ब्लॉग ने इस कमी को पूरा भी कर दिया है “कारवां गुजर गया” में जिस अंदाज़ में व्यंगात्मक टिप्पड़ी की गयी है वो बेहद ही सुन्दर और है

    allrounder के द्वारा
    December 2, 2011

    आपका बहुत – बहुत धन्यबाद अतुल जी, प्रशंशा के लिए !

div81 के द्वारा
December 2, 2011

बधाई सचिन जी. :) कुछ मीठा तो बनता है

    allrounder के द्वारा
    December 2, 2011

    बहुत – बहुत धन्यबाद दिव्या जी, मीठा तो बनता है आप जितना चाहे मीठा खरीद कर खा सकती हैं और बिल मेरे ईमेल एड्रेस पर भेज दीजिये, अपने खाते नंबर सहित !

Tamanna के द्वारा
December 2, 2011

सचिन जी, बहुत बढ़िया लेख..ब्लॉगर ऑफ द वीक बनने के लिए आपको बहुत-बहुत बधाई

    allrounder के द्वारा
    December 2, 2011

    आपका बहुत – बहुत धन्यबाद तमन्ना जी !

surendr shukl bhramar5 के द्वारा
December 2, 2011

प्रिय सचिन भाई अब तो रही सही शक भी दूर हो गयी ११० प्रतिशत all rounder …बहुत बहुत अच्छा लगा कारवाँ गुजर गया लेकिन हमको एक याद तो दे ही गया ..लम्बी बात चीत आप से यों ही होती रहे .. ब्लागर आफ दी वीक बनने पर दिल से बधाई भ्रमर ५

    allrounder के द्वारा
    December 2, 2011

    एक बार फिर से आपका बहुत – बहुत धन्यबाद भ्रमर जी, चलिए अब तो आपने मान ही लिया की 110 प्रतिशत मेरा नाम ALLROUNDER सही है, मगर ये सब आप मित्रों और साथियों की बजह से ही है ! आपका बहुत – बहुत आभार ये कारवां यों ही चलता रहे …..

tejwani girdhar के द्वारा
December 2, 2011

very nice, congratulation

    allrounder के द्वारा
    December 2, 2011

    Your most welcome on my post and thank you very much sir

R K KHURANA के द्वारा
December 2, 2011

प्रिय सचिन जी, सप्ताह का ब्लागर बनाने पर बहुत बहुत बधाई और मेरा आशीर्वाद राम कृष्ण खुराना

    allrounder के द्वारा
    December 2, 2011

    आदरणीय खुराना साहब आपका स्नेह और आशीर्वाद सदा ही इस मंच पर हमारे साथ रहा है और आज फिर से आशीर्वाद देने के लिए हार्दिक आभार आपका !

nishamittal के द्वारा
December 2, 2011

बधाई सचिन जी.

    allrounder के द्वारा
    December 2, 2011

    आपका बहुत – बहुत धन्यबाद निशा जी !

December 2, 2011

सचिन भाई हफ्ते के सुपर स्टार ब्लॉगर बनाने पर आपको ढेरों सारी बधाइयाँ और शुभकामनयें!! आप ऐसे ही तरक़्क़ी करते रहें ।

    allrounder के द्वारा
    December 2, 2011

    सूरज जी आपका हार्दिक धन्यबाद शुभकामनाओ के लिए !

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    December 2, 2011

    आदरणीय डाक्टर साहिब यह रैनबेक्सी की दवाई नहीं मेरे पेटेंट शब्द है ….इनका इस्तेमाल करने पर रायल्टी देनी पड़ती है ….. सचिन भाई ने जो आपका शुक्रिया अद किया है उस पर मेरा भी हक हो गया है ….. हा हा हा हा हा हा हा :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :|

    allrounder के द्वारा
    December 2, 2011

    नमस्कार राजकमल भाई, डॉक्टर साहब और आपका रोयल्टी का आपस का मामला है ! लेकिन भाई जब मैंने आपके शब्दों का इस्तेमाल किया था, तो स्पस्ट मेंसन कर दिया था ! इसलिए मैं बच गया !

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    December 2, 2011

    प्रिय सचिन भाई ….. नमस्कारम ! अगर यह मेरा और डाक्टर साहिब का आपसी मामला है तो हमारा भी आपसी मामला ही था …. लेकिन मुझे नहीं याद पड़ता की कब ऐसी बात हुई थी ….. आज मुझको अनीता मैडम याद आ रही थी ….. ताजातरीन स्नान करके खतरनाक ढंग से,अपने खुले और लहराते + बलखाते हुए बालो को लिए यह कहती हुई भागी चली जा रही थी :- “सभी मर्द एक जैसे होते है – २ …. और मैं कह रहा था की मैडम जी इस समाज में हर तरफ – सिर्फ मर्द ही मर्द है …. इन से बच कर आप कहाँ जाएंगी ….. क्योंकि जो मर्द नहीं है उनके पास तो आप वैसे भी नहीं जाएंगी –बधाई लेने और देने …… :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :|

    allrounder के द्वारा
    December 2, 2011

    नमस्कार राजकमल भाई अब इनके बारे मैं और क्या लिखूं ? सिर्फ यही दुआ करता हूँ जो अपने बाकी साथियों के लिए करता हूँ जहाँ रहें खुश रहें !

Santosh Kumar के द्वारा
December 2, 2011

सचिन भाई जी ,.सादर नमस्कार बहुत ही अच्छी पोस्ट पर सप्ताह का सुपरस्टार बनने के लिए कृपया भाई की हार्दिक बधाई स्वीकार करें

    allrounder के द्वारा
    December 2, 2011

    नमस्कार भैय्या जी, आपका बहुत – बहुत धन्यबाद !

akraktale के द्वारा
December 1, 2011

सचिन जी नमस्कार, ब्लोगेर ऑफ़ द वीक बनने पर हार्दिक बधाइयां.पुनर वापसी पर जे जे द्वारा सही स्वागत.

    allrounder के द्वारा
    December 1, 2011

    सादर नमस्कार रक्तले जी, बिलकुल सही फरमाया आपने, आपकी बधाई और जे जे के स्वागत दोनों का हार्दिक आभार !

December 1, 2011

बहुत बढ़िया प्रस्तुति, इसके साथ ही, ब्लॉगर ऑफ़ द वीक बनने पर सादर बधाई..!

    allrounder के द्वारा
    December 1, 2011

    आपका बहुत – बहुत धन्यबाद टिम्मी जी !

वाहिद काशीवासी के द्वारा
December 1, 2011

ब्लॉगर ऑफ़ द वीक चुने जाने के लिए बधाई सचिन भाई।

    allrounder के द्वारा
    December 1, 2011

    बहुत – बहुत धन्यबाद वाहिद भाई , ये सब आप लोगों का स्नेह है !

Rajkamal Sharma के द्वारा
December 1, 2011

प्रिय सचिन भाई ….. नमस्कारम ! इस हफ्ते का सुपरस्टार बनने पर आपको ढ़ेरो मुबारकबाद …. अब तो जागरण ने भी मुहर लगा दी है तो उम्मीद है की इस फिल्म के अगले भाग की शूटिंग बहुत जल्द पूरी होगी और अगले शुक्रवार से पहले ही रिलीज भी हो जाएगी ….. फिर से मुबारकबाद :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :|

    allrounder के द्वारा
    December 1, 2011

    नमस्कारम भाई राजकमल जी, आपका बहुत – बहुत धन्यबाद ! आपने सही कहा वनवास काटने के बाद फिर से वापसी पर आप सभी मंच के साथियों ने फिर से जागरण परिवार मैं मेरा स्वागत बड़े प्यार और अपने – अपने तरीके से किया और जागरण ने भी अपने तरीके से हफ्ते का सुपर स्टार ( आपके शब्दों मैं ) बनाकर हमारा स्वागत किया इसके लिए मैं आप सभी साथियों और जे जे का शुक्रगुजार हूँ ! रही बात इस फिल्म के अगले भाग की तो भाई इसकी शूटिंग जल्द से जल्द शुरू होगी, क्योंकि जनता जनार्दन सबसे बड़ी होती है इसलिए उसकी भावनाओं की कद्र करना हमारा पहला कर्त्तव्य है ! लेकिन जो समय आपने लिखा है उसमे थोड़ी देरी हो सकती है क्योंकि इस बीच मेरी एक गंभीर पिक्चर लगभग कम्प्लीट है, इसलिए उसे ख़त्म करके ! जल्द ही कारवां गुजर गया भाग -२ प्रकशित होगी ! आपका हार्दिक धन्यबाद राजकमल भाई !

ajay के द्वारा
December 1, 2011

ऑल राउंडर जी,  ब्लॉगर ऑफ द वीक बनने के लिए आपको बधाई

    allrounder के द्वारा
    December 1, 2011

    अजय जी आपका बहुत – बहुत धन्यबाद !

div81 के द्वारा
November 29, 2011

देरी के लिए क्षमा चाहूंगी सचिन जी मगर नेट कि समस्या के कारण ये देरी हुई है | आप के इस खबरिया रिपोर्ट में पहली कमेन्ट मेरी होती मगर नेट ने धोखा दे दिया कमेन्ट पोस्ट नहीं हो पाया | दोबारा कोशिश कि तो सर्वर जा चूका था | चलिए देर आये दुरुश्त आये वाली कहावत लागु हो गयी हम पर :) धमाकेदार वापसी के लिए आप को बहुत बहुत बधाई इससे पहले वाली रचना भी बहुत बढ़िया थी | बहुत ही सटीक गानों के साथ नेताओं का हाल बयां किया है आप ने खास कर दिग्विजयसिंह और मनमोहन सिंह एक बार फिर से वापसी के लिए और इस हास्य व्यंग के लिए आप को बहुत बहुत बधाई

    allrounder के द्वारा
    November 29, 2011

    आपका बहुत – बहुत धन्यबाद दिव्या जी, लेख को पसंद करने और विचार देने के लिए ! बाकी रही बात इंटरनेट के परेशान करने की और देर से टिप्पड़ी की तो ये सब तो यहाँ लगा ही रहता है, महत्वपूर्ण बात ये है की अंततः आपके विचार हम तक पहुँच ही गए ! आशा है अगली बार आपका इंटरनेट धोखा न दे और हमारी पोस्ट पर आप जल्दी प्रतिक्रिया दे सकें ! आपका बहुत – बहुत आभार दिव्या जी !

jlsingh के द्वारा
November 27, 2011

सचमुच आप आए और बहार आ ही गयी! पर प्रधानमंत्री का — और हम खड़े – खड़े बहार देखते रहे कारवां गुजर गया गुबार देखते रहे. सारा शहर जब लुट गया, खुमार में सोते रहे!!!! सचिन जी, आप alrounder हैं और ऐसे ही मैच में जमे रहें– बहुत बहुत बधाई और आभार!

    allrounder के द्वारा
    November 28, 2011

    बहुत – बहुत धन्यबाद जे एल सिंह जी, आपके आने से ये गुलशन भी गुलजार हुआ, इस पर यों ही खुशबु लुटाते रहेंगे तो बहारें अभी और भी आएँगी ! आपका हार्दिक आभार !

mparveen के द्वारा
November 26, 2011

सचिन जी नमस्कार, आज पहली बार आपका आलेख पढने का अवसर मिला और पढ़ कर लगा की पहले क्यूँ नहीं पढ़ा ये मैंने . समय कम ही रहता है तो बस एक दिन में २ या ३ ही आलेख पढ़ पति हु शायद इसीलिए आज तक आपके आलेख को पढने में देर हो गई पर अब पढ़कर लगता है की आगे भी समय कम रहने के बावजूद भी आपकी चटपटी ख़बरें पढने के लिए समय निकलना जरुरी हो गया है क्यूंकि मुझे आपकी रचना बहुत ही अछि लगी …. धन्यवाद इसी तरह लिखते रहे ……

    allrounder के द्वारा
    November 26, 2011

    नमस्कार परवीन जी, आपका हार्दिक स्वागत है पहली बार हमारे ब्लॉग पर आने का ! वैसे परवीन जी इसमें दोष मेरा ज्यादा है क्योंकि मैं भी इस मंच पर काफी अंतराल के बाद प्रकट हुआ हूँ इसलिए मेरी कोई रचना आपकी नजर से गुजरी ही नहीं होगी ! खैर चलिए हमारे सौभाग्य से आपको हमारा पहला ही आलेख बहुत पसंद आया, आशा है आगे भी हम आपको अपने चैनल से कुछ और चटपटी ख़बरें सुनाते रहेंगे ताकि आपके द्वारा हमारे आलेख को पढने के लिए निकाला गया बहुमूल्य समय व्यर्थ न जाए ! आपका हार्दिक आभार परवीन जी !

डॉ॰ सूर्या बाली "सूरज" के द्वारा
November 25, 2011

सचिन जी बहुत उम्दा व्यंग ! मज़ा आ गया। मैं अभी तक क्यूँ नहीं आया था इस गली मे , जहां मस्ती भरी है हर कली मे…बहुत खूब। चलो देर से ही सही मगर आए सही चैनल पे…साधुवाद!

    allrounder के द्वारा
    November 26, 2011

    सूरज जी, बहुत – बहुत स्वागत आपका इस गली मैं ! आपकी शायराना प्रशंशा पाकर हमारे मन की कली भी महक उठी है ! आशा है आप इस गली को अपनी शायराना खुशबु से यूं ही गुलजार रखेंगे ! आभार सहित !

Amita Srivastava के द्वारा
November 24, 2011

सचिन जी नमस्कार बहुत ही अच्छा व्यंग , अब देखिये , कितने महान नेता है ये एक तरफ तो वो हमे रुला रहे भी रहे है और उनके माध्यम से हमे हँसने का भी मौका भी मिलता है | धन्यवाद ….

    allrounder के द्वारा
    November 24, 2011

    सादर नमस्कार अमिता जी, आपने बहुत अच्छी बात कही नेताओं के सन्दर्भ मैं, लेकिन मैं आपकी बात मैं थोडा संशोधन करना चाहूँगा, ये नेता सिर्फ कल्पनाओं के जरिये ही हमें हंसा सकते हैं किन्तु, यथार्थ की दुनिया मैं तो ये आम जनता को सिर्फ रुलाते ही हैं! आपके उत्तम विचारों और लेख को पसंद करने के लिए हार्दिक आभार अमिता जी !

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
November 23, 2011

प्रिय सचिन भाई आज सच में आप ने छक्के पे छक्का मार कर जता दिया की आल राऊंडर सचिन जी ही हैं मस्त कर दिया आप ने गाना व्यंग्य गुनगुनाना सब कुछ हो गया …सुन्दर कवितायें पिरोई आप ने ..काविले तारीफ .. धन्य हैं सचिन जी …कारवाँ गुजर गया एक कवी सम्मलेन याद आ गया आभार भ्रमर ५

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    नमस्कार भ्रमर जी, आपको हमारा आलेख पढ़कर कवि सम्मलेन याद आ गया अच्छी बात है, यादें आती रहना चाहिए अच्छा रहता है , मगर एक बात का अफ़सोस है की आज तक आप हमें नकली Allrounder समझते थे मगर भाई मैं असली Allrounder हूँ, लेकिन लेखन का नहीं क्रिकेट का ! लेखन मैं तो मैं स्वयंभू Allrounder ही हूँ बस, और कुछ नहीं ! आपके उन्मुक्त विचारों के लिए हार्दिक आभार !

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    November 23, 2011

    मगर भाई मैं असली Allrounder हूँ, लेकिन लेखन का नहीं क्रिकेट का ! .. प्रिय सचिन जी ये तो और अच्छी बात है शुभ कामनाएं हैं सचिन की तरह आप का बल्ला भी चमके और हम सब देख पायें .. लेखन में भी आप असली है लेकिन आज कुछ ज्यादा भा गया ना कारवाँ गुजर गया ..कवी को तो कवी सम्मेलन बहुत प्यारा होता हैं न और ये भी स्वप्न झडे फूल से, मीत चुभे शूल से लुट गए श्रृंगार सभी बाग के बबूल से और हम खड़े – खड़े बहार देखते रहे कारवां गुजर गया गुबार देखते रहे अपना स्नेह यों ही बरसाते रहिये भ्रमर ५

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    आपकी शुभकामनाओ के लिए धन्यबाद भ्रमर जी, मुझे खेलते हुए देखने की कामना आपकी कभी पूरी नहीं हो सकती क्योंकि अब मैं सिर्फ शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए शौकिया तौर पर ही खेलता हूँ बस ! आज से कुछ साल पहले तक मैं जमकर खेलता था, और छक्के भी लगाता था, और जितने प्रशंशक यहाँ मेरे लेखन के उससे भी कही ज्यादा मेरे खेल के प्रशंशक थे, मगर कभी मैं कॉलेज स्तर से आगे नहीं खेल सकत छोटे शहरों की ये बहुत बढ़ी दुविधा है की यहाँ सिर्फ शौक के लिए खेला जाता था प्रोफेसनल या आगे बढ़ने के कोई चांस नहीं रहते ! फिर कुछ अपने मिजाज ने कुछ परिस्तिथियों ने ज्यादा आगे नहीं बढ़ने दिया ! हाँ यदि आज भी मैं अपने अन्दर के लेखक और क्रिकेटर की तुलना करूँ तो मैं एक बेहतरीन क्रिकेटर हूँ, और बैटिंग करूँ तो किसी भी अंतर्राष्ट्रीय बॉलर से न डरूं और बोलिंग करूँ तो महान सचिन तेंदुलकर को भी आउट करने का विश्वास है मुझे ….. मगर अफ़सोस , अफ़सोस ये हो न सका … गुजरी हुई यादें ताजा करने के लिए आपका हार्दिक आभार !

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    November 24, 2011

    सचिन भाई सच में बड़ी विडंबनायें इस जीवन में मिलती है कोई बात नहीं ..हम ने आप की आँखों देखा और कमेंट्री आप से सुनी चैन आया दिल को…… अब स्वयम्भू आप यहीं छक्के मार मार निहाल करें ये बड़ा जरुरी इस समाज का हनुमान सा काम करें भ्रमर ५

    allrounder के द्वारा
    November 24, 2011

    बहुत – बहुत आभार भ्रमर जी !

timmy के द्वारा
November 23, 2011

बहुत बढ़िया. मंद बुद्धि युवराज से तो मिलने का मौका नहीं मिल पाया या मिलने नहीं दिया गया, इसलिए शायद उनसे गीत प्राप्त नहीं कर पाए. कोई बात नहीं. शायद अगली बार… लगे रहिये

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    आपका बहुत – बहुत धन्यबाद अपने विचार देने के लिए टिम्मी जी ! मुझे लेख लिखते वक्त ऐसा लगा शायद बहुत लोगों के साक्षात्कार पाठक झेल न पायें, इसलिए युवराज को इस बार छोड़ दिया मगर मुझे लगता है जल्द ही मुझे इस लेख का सीक्वल बनाना ही पड़ेगा ! उसमे आपकी राय का भी ख्याल रखा जायेगा ! अपनी बेबाक राय और विचार देने के लिए पुन: धन्यबाद !

manoranjanthakur के द्वारा
November 23, 2011

काश इस चैनल से रोजाना समाचार पढने को मिलता बहुत बधाई

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    मनोरंजन जी, मनोरंजक लेख पर, मनोरंजक विचार देने के लिए आपका हार्दिक अभिनन्दन !

alkargupta1 के द्वारा
November 23, 2011

सचिन जी , बहुत ही आनंद आया पहले की तरह ही आपकी चुटीली विनोदप्रिय व्यंग्यप्रधान रचना पढ़कर |

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    आदरणीय अलका जी, आपके प्रोत्साहन और विचारों के लिए हार्दिक आभार !

minujha के द्वारा
November 23, 2011

सचिन जी नमस्कार इस मंच पर नई होने के कारण पहली बार आपकी रचना से रूबरू होने का मौका मिला, यही कहुंगी एकबार पढना शुरू किया तो अंत तक बांधे रखा,आपकी रचना के तारतम्य,व्यंग्य के लहजे और अगला कौन होगा की उत्सुकता ने बहुत अच्छा व्यंग्य 

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    मीनू जी सादर नमस्कार, चलिए अंततः आप हमारी किसी रचना से रूबरू हो ही गईं, और हमारे सौभाग्य से व्यंग आपको अच्छा लगा! और इस बात की भी अपार ख़ुशी है की इस व्यंग के माध्यम से हमें मंच के एक और साथी से जुड़ने का मौका मिला ! आपका हार्दिक आभार विचार देने के लिए मीनू जी !

vinitashukla के द्वारा
November 23, 2011

बहुत सटीक और धारदार व्यंग्य. बधाई सचिन जी.

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    नमस्कार विनीता जी, आपकी इस धारदार प्रतिक्रिया पर हाप्का हार्दिक आभार !

Ramesh Bajpai के द्वारा
November 23, 2011

प्रिय श्री सचिन जी बहुत दिनों के बाद यह चुटीला अंदाज उसी लय में गुदगुदा गया | ससक्त प्रहार करती सुन्दर पोस्ट | बहुत बहुत बधाई |सर वैसे तो आपसे पूछने के लिए ढेरों प्रश्न हैं किन्तु समय की कमी की वजह से एक ही सवाल पूछना चाहूँगा सर, आपकी सरकार मैं शामिल मंत्रीगण देश को ऐसे नोच – नोच कर खा रहे हैं जैस किसी मरे हुए जानवर को गिद्ध सामूहिक रूप से मिलकर खाते हैं और सर, सारा देश जानता है की आप इस गिद्ध भोज मैं कहीं शामिल नहीं हैं |

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    आदरणीय बाजपेई जी, आपका आशीर्वाद और स्नेह सदा ऐसे ही बना रहे तो मंच पर अपनी उपस्तिथि सदा चुटीली और रसमय बनी रहेगी ! आपका हार्दिक आभार !

mihirraj2000 के द्वारा
November 22, 2011

बहुत ही उम्दा लेख लिखा है और मेरा दावा है ऐसा व्यंग बड़े बड़े व्यंगकार भी नहीं कर सकते नहीं लिख सकते. तुम इस कला के जादूगर हो शहंशाह हो.. दुर्योधन अगर कामेडी करे तो मजा जरुर आएगा बस मसाला हो..और पडोसने का तरीका..तुम्हारा ये लेख दिल को छू गया मित्र.

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    मित्र तुम्हारा किसी भी पोस्ट पर विचार देने का मतलब ही ये है की कुछ न कुछ अच्छा लिखा गया है, तुम जैसे प्रतिष्ठित और स्थापित लेखक के ये शब्द प्रेरणा का काम करते हैं ! और मित्र कर्ण मैं कैसे तुम्हारा आभार व्यक्त करूँ जो सात समंदर पार बैठकर भी तुम मेरा हौसला बढाने के लिए, इस लेख पर आये ! इस उत्साहवर्धन के लिए बारम्बार आभार मित्र !

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    November 23, 2011

    प्रिय सचिन भाई ….. नमस्कार ! प्रिय मिहिर राज जी…. नमस्कार ! आप दोनों भाईजान से मुखातिब हूँ किरपा करके बताए की “फर्स्ट किस मी देन किल मी” (पहले मेरा चुम्मा ले लो फिर चाहे जान से मार दो) कब आ रहा है या फिर आ चूका है मार्किट में शुभकामनाओं सहित

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    भाई राजकमल जी, वैसे तो इस प्रश्न का उत्तर मित्र मिहिर देता तो अच्छा होता, क्योंकि वह इस किताब प्लीस किस मी और किल मी का ऑथर है, मगर मिहिर के पास शायद समय के आभाव के कारण मंच पर कम ही उपस्थित हो पाता है ! मगर आपने हम दोनों को ही मुखातिब होकर प्रश्न किया है तो भाई हमारे अपने बीच का साथी मिहिर राज आज एक प्रतिष्ठित लेखक है और उनका पहला नोबेल मई मैं रिलीस हो चुका है और बड़े शहरों मैं सभी बुक स्टाल्स पर उपलब्ध है ! जहाँ तक मुझे जानकारी है ! आगे और सही जानकारी मित्र मिहिर दे सकता यदि वह हमारे और आपके कमेन्ट पढ़े तो ! धन्यबाद !

Rajkamal Sharma के द्वारा
November 22, 2011

प्रिय सचिन भाई ….. नमस्कार ! यह सजा हमे कुछ कम रही …. चलिए बाकि की कसर अगली बार की आशा में (सिक्क्वेल –पार्ट –टू )….. बड़े ही दुख की बात है की यही कारवा ही घूम फिर कर कुछ समय के अंतराल पर फिर हमारे सामने आ जाता है बैठे हुए गुबार को फिर से उड़ाने के लिए …. एक बहुत ही बढ़िया हास्य से भरपूर व्यंग्यात्मक लेख पर मुबारकबाद

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    बहुत – बहुत धन्यबाद राजकमल भाई ! मगर लेख पहले ही काफी लम्बा लग रहा था मुझे मैंने सोचा यार ये लेख पढने की सजा कहीं उम्र कैद न हो जाए इसलिए शायद ऐसा हुआ ! मगर आपने अच्छा आइडिया दिया ….. (सिक्क्वेल –पार्ट –टू )….. इस पर अवश्य आगे कुछ लिखा जाएगा ! आभार सहित !

rita singh 'sarjana' के द्वारा
November 22, 2011

सचिन जी ,नमस्कार , बहुत खूब ………………… काफी अंतराल बाद आपका व्यंग पढ़कर दिल खुश हुआ l बहुत सुन्दर चित्रण ………………बहुत-बहुत बधाइयाँ , साथ में मंच पर पुन : अवतरित होने के एकबार फिर शुक्रिया l आपकी अगली रचना का इंतजार रहेगा l

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    रीता जी, आपका बहुत – बहुत आभार, इस गर्मजोशी भरे अंदाज मैं हमारा प्रोत्साहन करने के लिए ! कोशिश यही होगी की अगली रचना के लिए ज्यादा इन्तजार न करना पड़े आपको और आप की आशानुरूप फिर कुछ लिख सकूँ ! आपका हार्दिक आभार !

nishamittal के द्वारा
November 22, 2011

आपका पुराना रंग व तालमेल अच्छा लगा सचिन जी.

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    आपका बहुत – बहुत आभार निशा जी !

Amit Dehati के द्वारा
November 22, 2011

बहुत खूब बढ़िया सचिन जी! समयाभाव के कारन पूरी टिप्पड़ी नहीं कर पाया लेकिन आज आपको एक वर्ड कहने को जी कर रहा है … सचिन सर ….. बहुत बहुत धन्यबाद ! http://amitdehati.jagranjunction.com/2011/11/22/3-%E0%A4%B8%

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    बहुत – बहुत धन्यबाद अमित जी, कोई बात नहीं समयाभाव के बाबजूद आपने पोस्ट पर टिप्पड़ी की यही क्या कम बात है ! और भाई आपने हमें सचिन सर की उपाधि से सम्मानित कर दिया इसके लिए आपका शुक्रिया मगर सर, मुझे लगता है हमारा सर अभी इस सर की उपाधि का बोझ उठाने योग्य नहीं है ! आपके असीम प्रोत्साहन के लिए असीम धन्यबाद !

Santosh Kumar के द्वारा
November 22, 2011

सचिन भाई जी ,.सादर नमस्कार क्या लिखूं ?..बेहतरीन अंदाज में करारा तमाचा ,… नमन आपकी लेखनी को ,..हार्दिक आभार

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    सादर नमस्कार संतोष भैय्या जी, आपके इस अपनत्व भरे नमन पर आपको मैं क्या – क्या लिखूं ? लेखनी को और शक्ति प्रदान करते विचारों के लिए हार्दिक आभार आपका !

abodhbaalak के द्वारा
November 22, 2011

सचिन जी एक बार से आप अपने पुराने रंग में दिखे हैं, कटाछ भी है और हास्य का रंग भी. एक बेहतरीन लेख के लिए बंधाई स्वीकार करें http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    अबोध भाई ये आप लोगों का प्यार और स्नेह ही है जो मैं इतनी जल्दी दोबारा फॉर्म मैं लौट आया हूँ ! वर्ना मैं तो ………… ! आपका हार्दिक अबोध जी !

shashibhushan1959 के द्वारा
November 22, 2011

मान्यवर आल राउंडर जी, सादर. . बहुत घुमाया, बहुत लसारा, पटक-पटक के इनको मारा. पर ये “हेहर” उच्च-कोटि के, पानी बह जाएगा सारा. . इनकी तो बस एक दवाई, लत्तम-जूत्तम और पिटाई. जनता जिस दिन जग जायेगी, पर्वत से बन जाएँ राई. . बकरे ये कटने वाले हैं, अम्मा जितनी खैर मनाये. आल राउंडर जी की रचना, सभी पढ़ें, पढ़ कर मुस्काएं. . बहुत अच्छी और ताज़ी व्यंग रचना. बहुत-बहुत बधाई.

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    शशिभूषण जी, सादर प्रणाम ! मैं आपका कैसे आभार व्यक्त करूँ, आप अपनी प्रतिक्रिया भी इतनी काव्यात्मक देते हैं की ह्रदय पुलकित हो उठता है, और ये आपके अन्दर के रचनाकार की गवाही भी देता है ! और जब एक इतना योग्य रचनाकार, किसी रचना पर प्रोत्साहन दे तो, हिम्मत बहुत बढती है ! आपका हार्दिक आभार !

krishnashri के द्वारा
November 22, 2011

मान्यवर , बहुत सुन्दर व्यंग / मैं तो नया आया हूँ, तब से ऐसा व्यंग मंच पर पढ़ने को नहीं मिला था / बहुत बहुत आभार आपका /

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    सादर नमस्कार कृष्नाश्री जी , आपका हार्दिक आभार प्रोत्साहित करती प्रतिक्रिया के लिए ! मंच पर अक्सर अच्छे और सटीक व्यंग लिखने वाले मौजूद हैं, समय की कमी के कारण शायद आपकी नजर उन पर न पड़ सकी हो , फिर भी आपको मंच पर हमारा ये व्यंग पसंद आया उसके लिए आपका हार्दिक आभार !

    akraktale के द्वारा
    November 24, 2011

    सचिन जी नमस्कार, मे भी सहमत हूँ की ऐसा मजेदार व्यंग काफी दिनों से पढने को नहीं मिला.अवश्य ही तारीफ़ के लिए शब्दों की कमी पद जायेगी.मरे हुए जानवर का मांस नोचकर खाने वाली गिद्धों की प्रजाति तो लगभग नष्ट होने की कगार पर ही है.मगर उनकी जगह ये नयी नेता-गिद्ध प्रजाति आ गयी है जो ज़िंदा आदमी का मांस नोचकर खाने को बेताब दिखती है.हार्दिक बधाइयाँ.

    allrounder के द्वारा
    November 24, 2011

    नमस्कार रक्त्ले जी, आपका बहुत – बहुत आभार सहमति जताने के लिए ! आपने बिलकुल सही लिखा मरे हुए जानवर का मांस नोच – नोच कर खाने वाली गिद्ध प्रजाति लुप्तप्राय हो रही है, किन्तु जिन्दा मनुष्य का मांस खाने वाली एक नई प्रजाति उत्पन्न हो गई है, जिसे हम नेता कहते हैं ! आपके विचारों के लिए आपका हार्दिक आभार, रक्त्ले जी !

Baijnath Pandey के द्वारा
November 22, 2011

आदरणीय श्री सचिन जी, सादर अभिवादन । आपके इस व्यंग से दिल बाग-बाग भी हुआ और कलेजा तार-तार भी हुआ | बहुत दिनों के बाद मन इतना प्रफुल्लित हुआ | आपने हमे अपना मुरीद कर दिया | बहुत-2 आभार आपका |

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    आपका भी बहुत – बहुत अभिवादन बैजनाथ जी, ये जानकर बहुत ही हर्ष हो रहा है की लेख पढ़कर आपका दिल बाग़ – बाग़ हुआ ! और एक रचनाकार के लिए इससे बेहतर और क्या हो सकता है की उसके मुरीदों की संख्या मैं एक बृद्धि और हुई !

वाहिद काशीवासी के द्वारा
November 22, 2011

सचिन भाई, आपको अपने पुराने रंग में देख कर यहाँ बड़ा मज़ा आया। सही जगह पर सही गीत के प्रयोग ने लेख को और भी पठनीय बना दिया है। एक शिक़ायत भी रह गयी.. सोनिया गाँधी का इंटरव्यू काहे नाहीं लिए भईया?  हार्दिक आभार,

    Santosh Kumar के द्वारा
    November 22, 2011

    भाई जी आपकी शिकायत का समर्थन करता हूँ ,..मैडमै तो असली बंटाधारी हैं ..

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    लेख पढ़कर आपको मजा आया ये जानकर बहुत प्रसन्नता हुई, संदीप भाई ! और शिकायत के रूप मैं आपने मेरे मन की बात छीन ली दरअसल इसमें सोनिया जी का भी इंटरव्यू लिखना चाहता था मगर लेख आलरेडी बहुत लम्बा हो गया था, तो मैंने सेंसर कर दिया ! मगर निकट भविष्य मैं किसी लेख मैं उनका इंटरव्यू भी जरुर छापेंगे ! आपके बहुमूल्य विचारों के लिए हार्दिक आभार !

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    नमस्कार संतोष जी, समर्थन करके आपने बहुमत बड़ा दिया, फिर किसी लेख मैं मैडम का भी बंटाधार करने की कोशिश अवश्य करेंगे !

Manoj के द्वारा
November 22, 2011

बहुत बढ़िया ऑलराउंडर जी. कमाल का लिखा है आपने.. आपके बाउंसर से तो लालू, अडवाणी लगता है पिच छोड़कर ही भाग गए हैं और मनमोहन सिंह जी भी जल्दी ही मैदान छोड़ेगे. देखते रहिए..

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    बहुत – बहुत धन्यबाद मनोज जी, आपकी प्रशंशा के लिए ! बाउंसर शब्द का प्रयोग करके आपने मुझे मेरी ब्लोगिंग के शुरूआती दिनों की याद ताजा करा दी ! उसके लिए भी आपका आभार !

Piyush Kumar Pant के द्वारा
November 22, 2011

गीतों और परिस्थितियों का बेहतरीन सम्मिश्रण ………. हर गीत अपनी अपनी जगह पर पूरा अर्थ दे रहा है…..

    allrounder के द्वारा
    November 23, 2011

    बहुत – बहुत धन्यबाद पियूष जी, व्यंग को अर्थपूर्ण बताने के लिए ! हार्दिक आभार !


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