IPL

Hanso Hansao Khoon Badhao

101 Posts

2965 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 652 postid : 1105

महंगाई का सरकारी ढिंगचिका ढिंगचिका रे ( व्यंग )

Posted On: 5 Jul, 2011 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

दोस्तों आज देश मैं सरकारी तंत्र के द्वारा फैलाए गए भ्रस्टाचार की वजह से महंगाई अपने चरम पर पहुँच गई है! एक आम आदमी के हाथ से जरुरत की वस्तुएं भी ऐसे छूटती जा रही हैं जैसे स्लिप मैं खड़े किसी भारतीय क्रिक्केटर के हाथों से कैच छूट जाता है मगर क्रिकेट के खेल मैं कैच दोबारा पकड़ा जा सकता है किन्तु जिन्दगी के इस खेल मैं एक आम आदमी के लिए बढ़ी हुई महंगाई को पकड़ना उतना ही मुश्किल होता है जितना किसी चलती हुई ट्रेन को पकड़ना और गलती से ट्रेन के गेट का हेंडिल अगर इंसान के हाथ मैं आ जाये तो व्यक्ति के पास घिसटने के अलावा और कोई चारा नहीं रह जाता वैसा ही कुछ हाल आजकल हमारी देश की जनता का है जो महंगाई की ट्रेन के साथ घिसटती जा रही है और सरकार वजाय मंगाई की इस ट्रेन की गति कम करने के और गति बढाती जा रही है, जिसका स्पष्ट प्रमाण है अभी हाल ही मै हुई पेट्रो कीमतों मै बढ़ोत्तरी जिनमे रसोई गैस भी शामिल है !

दाम बढ़ने के बाद मैं टेलीविजन देख रहा था जिस भी समाचार चैनल पर देखो जनता सरकार को कोस रही है, बढे हुए दाम वापस लेने की दुहाई दे रही है किन्तु सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी ! ऐसे मैं जब मैंने अपने टेलीविजन का चैनल बदला तो आजकल सलमान खान की फिल्म रेड्डी फिल्म का गीत सुनाई दिया ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे …. ये गाना ऐसा है की जो आजकल काफी फेमस हो रहा है न सिर्फ लोगों के बीच बल्कि हमारी सरकार मैं बैठे लोग भी इस गीत को सुनकर काफी खुश हो रहे हैं और जनता को इसी गीत को अपने शब्दों मैं ढालकर सुना रहे हैं ! आप सभी से मेरा अनुरोध है की पहले रेड्डी फिल्म का ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे …. गीत ओरिजिनल गीत सुने फिर इस गीत को सरकार के नेता कैसे गा रहे हैं ये नीचे पढ़ें नहीं गायें …… और कल्पना करें सरकार के सारे मंत्री इस गीत को गा – गा कर नाच रहे हैं ………

DCfront


*******************************************
ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे ………………………..
हो ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे ………………………
बारह महीने मैं बारह तरीकों से महंगाई को बढ़ाएंगे रे……….
ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे ………………………….
हो ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे ………………………
जिस जनता ने वोट दिया हमें उसको खूब रुलायेंगे रे ……….
ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे …………………………
हो ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे ……………………… *******************************************
पेट्रोल के दाम बढ़ा देंगे इतने …….
लगने लगें ये हिमालय के जितने ……..
सारे देश से गाडी छीनकर फिर से साईकिल चलवाएंगे रे ……
ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे ………………………….
हो ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे ………………………. *******************************************
घर घर मैं होने लगेगा बबंडर
कर देंगे महंगा हम इतना सिलंडर
सारे देश की महिलाओं से चूल्हे फिर से जलवायेंगे रे ………
ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे ………………….
हो ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे …………………. *******************************************
अरे अन्ना हजारे जो जिद पर अड़ंगे ……………….
जंतर – मंतर पर गर अनशन करेंगे ………………..
उनके लोकपाल को हम मिलके सावन का झूला झुलाएंगे रे ..
ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे ………………….
हो ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे …………………. *******************************************
सब मिलके हम भ्रस्टाचार करेंगे
देश का पैसा विदेशों मैं भरेंगे
कालेधन का हिसाब जो मांगे तो उस पर डंडे चलवाएंगे रे ….
ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे ……………………….
हो ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे ……………………. *******************************************

| NEXT

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (17 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

37 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

praveen के द्वारा
November 16, 2011

bahut hee achha likhe re bhaai teree kalam bhee chalwayenge re ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे …………………. हो ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे

    allrounder के द्वारा
    November 24, 2011

    धन्यबाद आपका भाई !

syeds के द्वारा
August 21, 2011

खूबसूरत पैरोडी… और भ्रस्त सरकार पर ज़बरदस्त व्यंग्य….

    allrounder के द्वारा
    November 24, 2011

    सैय्यद साहब, देरी से जवाव देने के लिए क्षमाप्राथी हूँ, कुछ दिनों के अंतराल के बाद मंच पर उपस्थित हो सका ! आपका बहुत – बहुत आभार !

div81 के द्वारा
July 17, 2011

सचिन जी, अच्छी पैरोडी बनायीं hai और खूब प्रहार भी किया | ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे टॉप ब्लोगर बन्ने की बधाई :)

    allrounder के द्वारा
    July 19, 2011

    दिव्या जी, आपका बहुत बहुत आभार प्रशंशा के लिए !

atharvavedamanoj के द्वारा
July 10, 2011

खूबै चौका छक्का जड़े हो सचिन भैया….घबराओ मत इब्की तोरा ही नंबर है….जिन लोगों ने रामदेव को रुला रुला के मारा है और अन्ना को झूला झूला के मारे जा रहें हैं…..उनसे जरा बच के रहियो|कहीं ऐसा न हो जाए की हमारे पगड़ी गुरु को फिर से शर्मिंदा होना पड़े और कहने लगें की क्या करें मजबूरी थी और इसके बिना काम ही नहीं चल सकता था|जय बोलो गुरुघंटाल की|सचिन भाई आपको कोटिशः बधाइयाँ|टॉप ब्लॉग बनने का भी और किरकिरी बनने का भी|जय भारत, जय भारती||

    allrounder के द्वारा
    July 10, 2011

    वन्देमातरम मनोज भाई बहुत बहुत आभार आपकी बधाइयों का ! अब किरकिरी बने या कुरकुरे अपने मन की भड़ास तो निकालेंगे ही भाई ! आपका कोटिश धन्यबाद !

    allrounder के द्वारा
    July 10, 2011

    और मनोज भाई आप कब लौट रहे हो JJ की इस पिच पर चौका छक्का जड़ने को ? जय भारती !

roshni के द्वारा
July 8, 2011

ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे……..ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका रे वाह सचिन जी इसे कहते है गाने का सदुपयोग ………. ये हुई न बात ढिंगचिका ढिंगचिका ढिंगचिका किसी काम तो आया ……. आम जनता के दुखो का नाच से भरा गाना ……… वैसे जैसे हालत हो गए है अब लोग रो रो के नहीं नाच नाच कर दुःख दिखाते है …. बहुत ही सुंदर व्यंग बाण चलये अपने बधाई

    allrounder के द्वारा
    July 10, 2011

    बहुत – बहुत धन्यबाद रौशनी जी आपको हमारा ये व्यंग पसंद आया ! विचार देने के लिए शुक्रिया !

संदीप कौशिक के द्वारा
July 6, 2011

सचिन जी, कुछ भी हो….लेकिन आम आदमी को डांस करना ज़रूर आ गया होगा !! अच्छा व्यंग्य…..बधाई आपको ! :)

    allrounder के द्वारा
    July 7, 2011

    संदीप जी आपका हार्दिक शुक्रिया अपने विचार देने के लिए !

Alka Gupta के द्वारा
July 6, 2011

सचिन जी , देश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध तीव्र प्रहार करती हुई व्यंग्यात्मक रचना ! अंतिम दो पंक्तियों के साथ पढने में बहुत ही आनंद आया ! अति सुन्दर !

    allrounder के द्वारा
    July 6, 2011

    अलका जी सादर प्रणाम ! आपकी आत्म संबल बढाती प्रतिक्रिया पर हार्दिक आभार !

devendra के द्वारा
July 6, 2011

BAHUT ACHCHHA DHINGICHIKA KARWA RAHI HAI SARKAAR BHAI JI

    allrounder के द्वारा
    July 6, 2011

    बहुत – बहुत धन्यबाद भाई जी !

R K KHURANA के द्वारा
July 6, 2011

प्रिय सचिन जी, देश के भ्रष्ट राजनीतिज्ञों पर चोट करता सुंदर व्यंग ! राम कृष्ण खुराना

    allrounder के द्वारा
    July 6, 2011

    आदरणीय खुराना साहब आपका आशीर्वाद मिला उसके लिए आपका हार्दिक आभार !

Dharmesh Tiwari के द्वारा
July 6, 2011

आदरणीय सचिन जी सादर प्रणाम,,,,,,,आज के हकीकत को बखूबी बयाँ करती आपकी ये पोस्ट ,,,,धन्यवाद!

    allrounder के द्वारा
    July 6, 2011

    सादर प्रणाम धर्मेश जी ! रचना आपको पसंद आई इसके लिए आपका तहे दिल से शुक्रिया !

Ramesh Bajpai के द्वारा
July 6, 2011

प्रिय श्री सचिन जी हकीकत को बंया करती ये पोस्ट बहुत मजेदार है | उन मदमस्त कानो तक कभी तो यह आवाज पहुचेगी ही | ज्यादा नहीं लिख रहा की ये पोस्ट होगा भी या नहीं | कल से आदरणीय अलका जी को कमेन्ट देने का प्रयास असफल रहा |

    Alka Gupta के द्वारा
    July 6, 2011

    आदरणीय बाजपेयी जी , सादर अभिवादन आज अंतिम प्रयास करके देखिये हो सकता है कि आज सफलता मिल जाये आपके कमेन्ट के बिना रचना अधूरी सी ही रहेगी मेरे साथ भी कई बार ऐसा होता है मन में विचार आता है अगर कमेन्ट नहीं गया तो अब नहीं लिखूंगी बस तभी झट से पहुँच जाता है……..!अंतिम प्रयास के लिए धन्यवाद देना चाहूंगी !

    allrounder के द्वारा
    July 6, 2011

    आदरणीय बाजपेई जी सादर प्रणाम ! आपने सही फ़रमाया हमारी आवाज न जाने उन tak पहुंचेगी या नहीं किन्तु हम फिर भी अपने अंतर्मन की आवाज यहाँ प्रकाशित करते रहेंगे आपके प्रोत्साहन और स्नेह की बदौलत ! आपका हार्दिक आभार !

    allrounder के द्वारा
    July 6, 2011

    आदरणीय बाजपेई जी मै भी अलका जी की बात का समर्थन करता हूँ आप फिर से प्रयास कीजिये और सिर्फ एक बार नहीं कई बार जब तक कमेन्ट हो न जाए मुझे पूरी उम्मीद है की इस बार आपका प्रयास अवश्य सफल होगा ! और फिर भी अगर कमेन्ट न हो तो मेरे पोस्ट पर कर दीजिये मैं आदरणीय अलका जी की पोस्ट तक आपके विचार पहुंचा दूंगा ! आप दोनों ही सम्मानीयजनो का हार्दिक आभार !

surendr shukl bhramar5 के द्वारा
July 5, 2011

सचिन भाई मस्त -जबरदस्त – अरे इस पर भी ना जो सम्हले ये पापी इनको याद दिला दो -छठी का दूध -इनकी नानी — ढिंग चिका …ढिंग चिका ……रे सब मिलके हम भ्रस्टाचार करेंगे देश का पैसा विदेशों मैं भरेंगे कालेधन का हिसाब जो मांगे तो उस पर डंडे चलवाएंगे रे ….

    allrounder के द्वारा
    July 6, 2011

    भ्रमर जी गीत के साथ अपना मधुर संगीत जोड़कर आपने गीत को और मधुर बना दिया है आपका हार्दिक आभार !

rajkamal के द्वारा
July 5, 2011

प्रिय सचिन भाई ….नमस्कार ! बेचारी जनता की किस्मत में तो महंगाई की चक्की में बस पीसना ही रह गया है फिर सरकार कोई भी हो किसी भी पार्टी की हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता ….. वैसे इसका असली गुनाहगार मुनाफाखोर तथा नेताओं का संगठित गठजोड़ है ….. एमरजैंसी में जैसे एक बार तो बढ़ी हुई कीमते कम हो गई थी ….. अगर अब भी वोटो + नोटों की राजनीति से उपर उठ कर इमानदारी से प्रयास किये जाए तो भी काफी हद तक महंगाई काबू में आ सकती है ….. क्योंकि चीजे + उनकी लागत उतने की होती नहीं जितने पर उनको बेचा जाता है ….. पता नहीं इस देश के भाग्य में कोई समर्थ नेता कब मिलेगा नेता जी जैसा ….. सुन्दर हास्य वयंग्य पर बहुत -२ मुबारकबाद

    allrounder के द्वारा
    July 6, 2011

    प्रिय भाई राजकमल आपकी प्रोत्साहित करती समीक्षात्मक व्याख्या सदैव ही इस मंच पर एक उर्जा प्रदान करती है ! इसके लिए हार्दिक आभार !

vasudev tripathi के द्वारा
July 5, 2011

बहुत बढ़िया allrounder जी! जिसकी आँखों का पानी मर चुका रे.! उसके लिए तो बस सब ढिंगचिका रे…..

    allrounder के द्वारा
    July 6, 2011

    भाई वासुदेव जी हमारी रचना मैं अपनी और से विस्तार करने और विचार देने के लिए हार्दिक धन्यबाद !

anita के द्वारा
July 5, 2011

बहुत अच्छा व्यंग है ये सब इतने बेशर्म है की किसी बात का इन पर कोई असर नहीं है आम आदमी के पास जीने के ससाधन न है और हमारे देश मे करोडो के दौलत मंदिरों और नेताओ के तिजोरी मे है इन का पेट कितने करोड़ से भरेगा

    allrounder के द्वारा
    July 6, 2011

    अनीता जी आपका बहुत – बहुत धन्यबाद अपने बहुमूल्य विचार हमारी रचना पर देने के लिए !

Vinita Shukla के द्वारा
July 5, 2011

बहुत ही सशक्त तरीके से आपने अपने विचार, इस रचना के माध्यम से रखे. बधाई स्वीकार करें.

    allrounder के द्वारा
    July 6, 2011

    विनीता जी आपका हार्दिक आभार रचना की प्रशंशा के लिए !

nikhil के द्वारा
July 5, 2011

सचिन जी वास्तव में जनता को खूब ढिंगचिका करा रही है सरकार …बढ़िया व्यंग है

    allrounder के द्वारा
    July 6, 2011

    निखिल जी आपका हार्दिक आभार अपने विचार देने के लिए !


topic of the week



latest from jagran