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Hanso Hansao Khoon Badhao

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कृपया 1 से लेकर 9 तक दबाएँ ...( हास्य - व्यंग )

Posted On: 29 Apr, 2011 Others में

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phone girl

क्या आप बोर हो रहे हैं ? लड़कियों को इम्प्रेस करना तो आपको खूब आता है ? आप घर आये मेहमान का स्वागत कैसे करना चाहेंगे ? ये बो पंक्तियाँ हैं जो की अक्सर मेरे मोबायल फोन पर मुझे सुनाई देती हैं, और बो भी इतनी मादक और चंचल अंदाज मैं कि कोई अगर चरित्र से चंचल व्यक्ति हो तो फोन मैं ही घुसकर कॉल करने वाली उस चंचल हिरनी के चरित्र का चीर हरण कर डाले ! मगर मै ठहरा जलेबी की तरह सीधा इन्सान इसलिए मोबायल कम्पनियों की ओर से जबरन चरित्रवान इंसान को चरित्र हीन करने की ऐसी अवांछित कॉल्स को हंस कर टाल देता हूँ !

अक्सर मैं अपनी इस प्रोब्लम के बारे मै अपने दोस्तों से कहता हूँ तो वे मुझे कहते हैं की यार तू अपरिचित कॉल उठाता ही क्यों है, मगर मैं क्या करूँ मैं अपनी कुछ अच्छी आदतों से परेशान हूँ और मेरी एक अच्छी आदत है बिना नंबर देखे 1 घंटी बजने पर ही फोन उठा लेना फिर फोन चाहे परिचित का हो या अपरिचित का वर्ना कुछ लोग तो परिचितों का फोन भी नहीं उठाते, खैर आदत अपनी अपनी …. इस पर फिर कभी चर्चा करेंगे फिलहाल लौटकर आते हैं अवांछित कॉल्स पर जिन्होंने मुझे परेशान कर रखा है !

वैसे तो मैं पक्का गांधीवादी हूँ और बहुत जल्द ही किसी बात पर नाराज नहीं होता, मगर कभी – कभी मेरे अन्दर क्रांतिकारियों की भी आत्मा प्रवेश कर जाती है, और उस वक्त मेरे सामने महाबली खली भी आ जाये तो मैं उसमे भी मुक्का जड़ सकता हूँ, ये और बात है की उसके बाद महाबली खली मुझे उठाकर पटक दे मगर मेरे अन्दर का क्रांतिकारी चुप नहीं बैठने वाला ! और कम्पनी की इन अवांछित फोन कॉल्स ने कैसे मेरे अंतर्मन के गाँधी को क्रांतिकारी बनने पर विवश कर दिया वही दुखड़ा आप सबके समक्ष पेश करने का प्रयास कर रहा हूँ !

अभी पिछले दिनों की बात है मैं अपने एक दोस्त के साथ मोटर साइकिल पर अपने शहर से बाहर जा रहा था किसी काम से, मैं जिस प्रदेश याने उत्तर प्रदेश मैं रहता हूँ वहां का हाल ये है की यदि आप झाँसी शहर की सीमा से बाहर निकले फिर आपको पता नहीं चलेगा आप उत्तर प्रदेश मैं हैं या मध्य प्रदेश मैं हैं, और मेरी बदकिस्मती ये है की जब भी मेरा ऐसा अवांछित कॉल आता है तो मैं मध्य प्रदेश मैं ही होता हूँ याने मोबायल कंपनियों का चुभता नश्तर रोमिंग मैं अब आप समझिये की जब आप रोमिंग मैं हों और ऐसी अवांछित कॉल्स पे कॉल्स आपको आयें और आप उठायें तो आप पर क्या गुजरेगी उस पर जले पर नमक भी कम्पनी वाले ही छिड़कते हैं तुरंत मेसेज भेज देते हैं , Your last call cost Rs 2 .00 Thank you . तो साहब ऐसी ही कुछ परिस्तिथि का सामना मुझे करना पड़ता है ! तो उस दिन जैसे ही मैंने गाडी स्टार्ट कर दोस्त को पीछे बिठाया मोबायल बज उठा अपनी आदत अनुसार मैंने उठाया उठाते ही आवाज आई ” चल छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ, चल छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ” इस गाने को अपनी कॉलर टोन बनाने के लिए 1 दबाएँ ” पल – पल न माने टिंकू जिया, इश्क का मंजन घिसे है पिया “ इस गाने को अपनी कॉलर टोन बनाने के लिए 2 दबाएँ ! मैं बोला मैडम आपके नंबर बाद मैं दबाऊंगा फिलहाल तो मैं अपनी गाड़ी के गिअर दबाता हूँ, और मैं आगे बढ़ लिया, जैसे ही शहर की सीमा ख़तम हुई नेशनल हाइवे आया, मेरा मोबाइल फिर गुनगुनाया ! मैंने फिर से फोन उठाया ” मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिए “ इस गाने को अपनी कोलर टोन बनाने के लिए 4 दबाएँ ! ” प्यार दो, प्यार लो, प्यार दो दो… प्यार लो …. “ इस गाने को अपनी कोलर टोन बनाने के लिए 5 दबाएँ ! अरे मैडम क्यों जबरदस्ती नंबर दबाने को कह रही हो, मुझे नहीं बनानी कोई कॉलर टोन ! और मैंने फिर से हंस कर फोन काट दिया ! मेरा दोस्त बोला यार ऐसे तो तूने चला ली गाडी बार – बार रोक देता है, चल पीछे बैठ कर सुन मैडम की धुन गाडी मैं चलाता हूँ ! इस बीच फोन मैं मेसेज आ गया आप रोमिंग मैं है, Your last call cost Rs 2 .00 Thank you अब मेरी हंसी थोड़ी कम हुई यार बताओ खुद ही फोन करते हैं और खुद ही पैसे काट लेते हैं ! खैर मेरे दोस्त ने गाडी आगे बढाई, 5 मिनट बाद फोन की घंटी फिर घनघनाई ! ” क्या आप बोर हो रहे हैं ? हाँ , तो 6 नंबर दबाइए और बनाइये ढेर सारे नए मित्र और बातें कीजिये चौबीसों घंटे, मासिक शुल्क 30 रुपये ! मैंने कहा मैडम मेरे जितने दोस्त हैं उन्ही से सही से दोस्ताना नहीं निभा पा रहा हूँ , आपका 6 नंबर दबाकर 30 रूपये मासिक शुल्क वाले दोस्तों का क्या आचार डालूँगा ! वैसे इसमे कोई बुराई नहीं है, क्योंकि आजकल सस्ती से सस्ती गर्ल फ्रेंड भी 50 रुपये का पीजा खाएगी और 5 मिनट मैं खाकर निकल लेगी तो ये बेचारे कम्पनी वाले 30 रूपये मैं बात करा रहे हैं तो भलाई का काम ही कर रहे हैं ! इस बीच फोन मैं फिर मेसेज आ गया आप रोमिंग मैं है, Your last call cost Rs 4 .00 Thank you ! मेसेज देखकर मेरे मन के क्रांतिकारी ने करवट लेनी शुरू की यार मजाक – मजाक मैं 8 रुपये की चिपका दी मैडम ने, लेकिन मैं मन मसोस कर रह गया ! लेकिन अभी 10 मिनट ही गुजरे होंगे, की फिर घंटी बजी, मगर इस बार दुर्घटना मैडम के साथ घटी क्योंकि एक तो मैं वैसे ही गाँधी जी से क्रांतिकारी होता जा रहा था, ऊपर से जैसे ही मैंने फोन उठाया मैडम ने ऐसा गाना सुनाया की मुझसे रहा नहीं गया,

” हट रे निगोड़े, नीम के पकोड़े, पीछा क्यों न छोड़े घूमे दायें बाएं,

तुझको सुधारूं जूती मैं उतारूँ सर पे दे मारूँ तेरे धाएँ – धाएँ,

चाय मैं डूबा बिस्किट हो गया तू तो एवेई – एवेई – एवेई लुट गया “

बस मैडम का ये पंजाबी गाना सुनकर मुझसे नहीं रहा गया ” ओये तुम्हारी मैडम की, एक तो जबरदस्ती नंबर दबबा कर, सीधे इन्सान को लूट रही हो और ऐसे – ऐसे गाने सुनवा रही हो, मैडम तेरा बेडा गर्क हो, तुझे ” जट यमला दीवाना” उठा ले जाएँ और तीनों बाप बेटे मिलकर रात भर तुम्हे इश्क का मंजन कराएँ , अरे जबरदस्ती रोमिंग चिपका कर मुझे लूटने वाली मुन्नी तू बिना डार्लिंग के बदनाम हो जाए ! कलमुही मैडम जट यमला दीवाना तुझे JJ की मालगाड़ी के डब्बे मैं छोड़ जाएँ और JJ के सारे भटकते आशिक तुम्हारे संग ” चल छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ, चल छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ” की धुन पर नाच दिखाएँ, और तू इन निगोड़े – नीम के पकोड़ों के संग नाच – नाच कर चाय मैं डूबी बिस्किट बन जाये ! मेरे दोस्त ने मेरी बाते सुनकर हँसते – हँसते गाडी रोकी और कहा बस कर यार क्यों अपनी जवान मैली कर रहा है, और अपनी रोमिंग और बढ़ा रहा है, वहां कोई मैडम नहीं है ये तो कम्पूटर मैं फीड रहता है ! मैंने कहा अच्छा हुआ तूने बता दिया, वर्ना मुझे तो ये गूढ़ रहस्य मालूम ही नहीं था जैसे ! यार, मुझे मालूम है तभी इतनी सुना रहा था वर्ना किसी लड़की से ऐसे बातें करना …….. ! इस बीच फोन मैं फिर मेसेज आ गया आप रोमिंग मैं है, Your last call cost Rs 21 .00 Thank you ! मर गया यार मैडम को मेरी हाय तो पता नहीं कब लगेगी, मगर मैडम की हाय मुझे तुरंत ही लग गई 29 रुपये की रोमिंग चिपक गई यार !

क्या आप भी ऐसी अवांछित कॉल्स से परेशान हैं ऐसी कॉल्स से बचने के लिए 1 से लेकर 9 तक दबाएँ और बस दबाते जाएँ…. दबाते जाएँ …. !

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34 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Charchit Chittransh के द्वारा
June 27, 2013

बन्धुवर बधाई….  आपने हम सभी सुसंस्कृत-गाँधीवादी-क्रान्तिकारियों की पीड़ा को सराहनीय सभ्य शब्दों में  सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया… 

    allrounder के द्वारा
    June 27, 2013

    आपके अनमोल विचारों के लिए हार्दिक शुक्रिया चित्रांश जी !

mparveen के द्वारा
January 21, 2012

सचिन जी आपकी ये पोस्ट पढ़कर मैं जितना हंसी न बता नहीं सकती . इतना तो मैं लाफ्टर चैल्लेंज देख कर भी नहीं हंसी . बड़ा मजा आया पोस्ट पढ़कर …

    allrounder के द्वारा
    January 21, 2012

    नमस्कार प्रवीण जी, इस आलेख को पढ़कर आपको हंसी आई, समझिये हमारे लिखने का उद्देश्य पूर्ण हुआ ! आपका हार्दिक आभार, ऐसे ही हँसते मुस्कुराते रहिये आप !

Nikhil के द्वारा
May 6, 2011

प्रिय बड़े भैया, मोबाईल कम्पिनियों के द्वारा नए-नए फंदे आना कर ग्राहकों के हो रहे आर्थिक दोहन पर एक अच्छा व्यंग्य लिखा है आपने. बधाई.

    allrounder के द्वारा
    May 6, 2011

    बहुत – बहुत धन्यबाद निखिल भाई प्रशंशा के लिए !

Rajkamal Sharma के द्वारा
May 5, 2011

प्रिय सचिन भाई ….नमस्कार ! पेट्रोल आजकल बहुत ही महंगा हो गया है , लेकिन ऐसा लगता है की खुदा के कार्मे से आपके लिए सस्ता ही है , चलो हमेशा सस्ता ही रहे …. शायद इसीलिए आप तिनकी फुल करवाकर रेंज से बाहर चले गए थे …. ](वैसे मैं जानता हूँ की आजकल इकतीस मार्च के कारण कितना काम रहता है ….. धन्यवाद

    allrounder के द्वारा
    May 6, 2011

    नमस्कार भाई, तुम तो यार अन्तर्यामी हो ! सब जानते हो ऐसा लगता है, और भाई मैं तो चाह कर भी रेंज से बहार नहीं जा सकता, क्योंकि मंच और साथियों से इतना लगाव है की ज्यादा दिन की दूरी बर्दाश्त नहीं होती, इसलिए अपना भी आना जाना लगा ही रहता है ! याद करने के लिए आभार !

abodhbaalak के द्वारा
April 30, 2011

सचिन भाई आप लिखते तो हमेश ही अच्चा हैं पर कभी कभी आप जिस तरह से लिखते हैं की बस मज़ा आ जाता है, और इस लेख के बारे में ऐसा ही कह सकता हूँ, हास्य और व्यंग का बहुत ही सुन्दर समागम, tussi hit ho badshaaho . http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    May 1, 2011

    प्रिय अबोध भ्राता जी फ्लाप डर से हम फिल्म मेकिंग का काम तो नहीं न छोड़ सकते ….इसलिए आप बेफिक्र होकर अपनी कोई नई फिल्म रिलीज कर ही दीजिए अब ,वैसे भी एक हफ्ता कब का गुजर चूका है ,और हम लोगो की हफ्ता वसूली आप से अभी तक नहीं हुई है ……

    allrounder के द्वारा
    May 5, 2011

    अबोध भाई , अब मैं आपकी प्रतिक्रिया कैसे आभार करूँ, हर बार आप मुझे कोई नया Title दे देते हो मगर देते बड़े अच्छे हो तुस्सी भी बादशाह हो भाई ! आभार !

    allrounder के द्वारा
    May 5, 2011

    राजकमल भाई सही कहा आपने Hit और फ्लॉप जनता के हाथ है अपना काम तो सिर्फ लिखना ही होता है ! आभार सहित !

संदीप कौशिक के द्वारा
April 30, 2011

सचिन जी, व्यंग्य से परिपूर्ण एक उम्दा आलेख के लिए आपको बधाई !! आजकल किसी आम आदमी के लिए मोबाइल कंपनियों के इन \\"सीधे-सादे\\" तौर तरीकों से पार पाना बड़ा ही मुश्किल काम है !

    allrounder के द्वारा
    May 5, 2011

    भाई संदीप ji, इस उत्साहवर्धन के लिए आप हार्दिक आभार !

mihirraj2000 के द्वारा
April 29, 2011

उम्दा हास्य व्यंग प्रस्तुत किया है तुमने मित्र. मजा आ गया वाकई. ऐसे ही लिखते रहो १ से ९ दबाने की कहानी तुम्हारी जुबानी अरसो याद रहेगी. हम सब इस परिस्थिति के मारे है. लेकिन यहाँ मोबाईल कंपनी ऐसे कोल नही करते.

    abodhbaalak के द्वारा
    May 1, 2011

    मिहिर जी, आप हैं कहाँ? एक युग बीत गया आपकी कोई रचना पढ़े हुए, आपसे अनुरोध है की अपनी कलम का जादू एक बार फिर से मंच पर बिखेरें ………… http://abodhbaalak.jagranjunction.com

    allrounder के द्वारा
    May 5, 2011

    सौभाग्यशाली हो मित्र, जो तुम्हे वहां ऐसे फोन काल्स नहीं आते और मैं भी सौभाग्यशाली हूँ जो प्रतिक्रिया स्वरुप तुम्हारी प्रशंशा प्राप्त हुई ! हार्दिक धन्यबाद !

    allrounder के द्वारा
    May 5, 2011

    मित्र मैं भी अबोध भाई के अनुरोध का अनुमोदन करता हूँ, और आशा करता हूँ जल्द ही एक बार फिर से तुम अपनी कलम का जादू बिखेरने हम सबके बीच होगे !

K M Mishra के द्वारा
April 29, 2011

सचिन जी नमस्कार, मैं कुछ नहीं दबाऊंगा सिर्फ मुंह दबा कर हसूंगा. हा हा हा . बुरा हुआ आपके साथ, पर आपबीती अपने इस तरह सुनायी की मुस्कुराना पड़ रहा है. सॉरी. 

    allrounder के द्वारा
    May 5, 2011

    मिश्रा जी, सादर प्रणाम मेरी आपबीती पर आप मुस्कुराये इसके लिए आपका हार्दिक आभार क्योंकि हम अपने किसी भी लेख से किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सके यही हमारा लक्ष्य है ! आपका हार्दिक आभार !

Rajkamal Sharma के द्वारा
April 29, 2011

प्रिय सचिन भाई …. नमस्कार ! आज फिर से आपके पहले वाले स्टाइल में काफी देर से यह रचना आई आया , जबकि मुझको सिर्फ दो चार दिन के बाद ही कुछ भी लिख कर पोस्ट करने की खुजली होनी शुरू हो जाती है …….यह रचना पढ़ कर बहुत ही मजा खास करके इस लेख का वोह भाग सर्वाधिक असरकारक बन पड़ा है जिसमे आपने गोविन्दा स्टाइल में गानों के द्वारा उस कम्प्यूटर वाली मैडम कि बखिया उधेड़ी ….. वैसे आप को एक बात याद दिलाना चाहूँगा कि क्योंकि आजकल हरेक काल रिकार्ड कि जाती है तो शायद उस को भी किसी ने तो सुना ही होगा यकीनन ….. लेकिन उस बेशर्म कम्प्यूटर का क्या कीजियेगा जो कि बिना रुके वोही पहले वाली गलती चोबीसो घंटे दोहराता है ….. बहुत ही बढ़िया वयंग्य , मनोरंजन के साथ -२ जागरूकता और शिक्षा भी ,बधाई

    allrounder के द्वारा
    May 5, 2011

    प्रिय राजकमल भाई, आपकी प्रशंशा पाकर लेख लिखना सार्थक हुआ, जिस प्रकार की समीक्षात्मक प्रतिक्रिया आपकी होती है, उससे अपने लेख की कमजोरी और मजबूती का आंकलन करने मैं बहुत सहायता मिलती है ! आपका हार्दिक आभार !

malkeet singh jeet के द्वारा
April 29, 2011

बहुत खूब सचिन जी मजा आ गया

    allrounder के द्वारा
    May 5, 2011

    मलकीत सिंह जी, बहुत – बहुत धन्यबाद प्रशंशा के लिए !

baijnathpandey के द्वारा
April 29, 2011

आदरणीय श्री सचिन जी सादर अभिवादन आपने हर मोबाइल धारक की दुखती राग पर हाथ रखा है और हंस-हंस कर रोने पर मजबूर किया है वैसे आप कस्टमर केयर से बात कर ऐसी काल्स हमेशा के लीये रुकवा सकते हैं ………यह आपका हक़ भी है और सरकार ने ऐसा प्रावधान भी किया हुआ है ……. .फिर भी ऐसे मैसेज तो जरूर आयेंगे —– “BpTP s astaire gardens sector 70 Noida GGN golf course ………..Plots@52,500/sq.yard SMS AS to 56677″ ” Wan’t to Gambhir’s neighbour……………..” etc.

    allrounder के द्वारा
    May 2, 2011

    भाई बैजनाथ जी, नमस्कार आपने लेख पढ़कर आनंद लिया और ऐसी काल्स से परेशान लोगों जिनमे मैं भी सम्मिलित हूँ को इस समस्या से बचने की जानकारी भी दी इसके लिए आपका हार्दिक धन्यबाद !

Alka Gupta के द्वारा
April 29, 2011

सचिन जी, बड़ा ही ज़ोरदार है आपका यह समस्या प्रधान व्यंग्य पढ़ते पढ़ते हंसती जा रही थी और इस लेख का आनंद भी ! एक -एक करके सभी नंबर दबाते जाएँ और बिल भी अपने नाम करबाते जाएँ…..और यह कंप्यूटर वाली मैडम……इनका भी कोई जवाब नहीं……अति उत्तम हास्य व्यंग्य रचना…..बहुत दिनों बाद आपकी ऐसी स्वस्थ रचना पढने को मिली !

    allrounder के द्वारा
    May 2, 2011

    अलका जी, नमस्कार आपको भी लेख हास्य से परिपूर्ण और स्वस्थ मनोरंजक लगा इसके लिए आपका आभार ! ऐसे ही पढ़ती रहें, हंसती रहें और स्वस्थ रहें इसी कामना के साथ आपका हार्दिक आभार !

priyasingh के द्वारा
April 29, 2011

मै तो हंस हंस कर लोट-पोट हो गयी …….जो झाड़ा है आपने मैडम को चुन चुन कर वाक्य ढूंढे है ………….. वैसे मेरे फोन पर भी ऐसे ही काल्स आते थे तो मै उस नंबर को फालतू नंबर के नाम से सेव कर लेती हूँ ऐसे ही मेरे फोन पर चार-पांच नंबर फालतू १, फालतू २ , नाम से सेव है …………….

    allrounder के द्वारा
    May 2, 2011

    प्रिया जी, नमस्कार हार्दिक प्रसन्नता हुई जानकार की व्यंग पढ़कर आप हंस – हंस कर लोट – पोट हुईं ! वैसे भी हमारे ब्लॉग की tag line है हंसो हंसाओ खून बढाओ ! और आपकी ये प्रतिक्रिया पाकर हमारा ब्लॉग लिखने का उद्देश्य सार्थक हुआ ! वैसे आपने इन अवांछित काल्स से बचने के लिए जो फालतू 1 to का 4 किया है ये आईडिया हम भी आजमाएंगे ! आपका बहुत – बहुत आभार !

Manoj के द्वारा
April 29, 2011

अरे सचिन जी अगर मैडम”" से पिछा छुड़ाना था तो फोन ही रिसीव नही करते बस सीधी सी बात… वैसे आम आदमी की मुसीबत को आपने बहुत ही खुबी से साथ शब्दों में पिरोया है. बहुत ही जबरदस्त शैली.

    allrounder के द्वारा
    May 2, 2011

    मनोज जी, नमस्कार जैसे मैंने अपने लेख मैं पहले ही लिखा है मुझे बिना नंबर देखे फोन उठाने की आदत है, इसीलिए फोन कम्पनियों की मैडमों के झांसे मैं आ जाता हूँ ! आपको व्यंग पसंद आया इस उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार !

roshni के द्वारा
April 29, 2011

सचिन जी वैसे ये मोबाइल कंपनी वाले बड़े चालक है रोमिंग में तो स्पेशल ही फ़ोन करते है … और इंसान सोचता है भाई कही कोई जरुरी फ़ोन ही न हो मगर फ़ोन उठाते है दिमाग गुस्से से गर्म हो जाता है और दिल करते है ये जो फ़ोन पे कहते है १ २३ नंबर दबाये अगर मिल जाये तो गला ही दबा दे …… इस समस्या पे बहुत ही बढ़िया व्यंग लिखा आपने बधाई

    allrounder के द्वारा
    May 2, 2011

    रोशनी जी, नमस्कार लगता है मेरा हास्य – व्यंग पढ़कर आपको मजा नहीं बल्कि मोबायल कम्पनियों पर गुस्सा ज्यादा आ रहा है, प्लीस आप 123 ही दबाइए ! व्यंग आपको पसंद आया इसके लिए आपका हार्दिक धन्यबाद !


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