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Hanso Hansao Khoon Badhao

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कथा Modern लैला - मजनू की ( हास्य - कविता )

Posted On: 24 Dec, 2010 Others में

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LM

एक रात मुझे सोते – सोते एक बड़ा हसीन सपना आया !
किसी ने आधी रात को मेरे घर का दरवाजा खटखटाया !
मैंने कहा यार इतनी रात को ये कौन कमबख्त चला आया !
दरवाजा खोला तो अपने सामने फटे पैजामे मैं एक व्यक्ति को खड़ा पाया !
उसे देखकर हमें बड़ा गुस्सा आया, हमने अपनी सूजी आँखों को खुजलाया !
मगर लाख कोशिशों के बाद भी मैं उस अनजाने को पहचान न पाया !
हमें उस अनजान को देखकर चिढ तो बहुत आई !
मगर जल्द ही हमें अपनी गांधीवादी संस्कृति याद आई !
हमने अपने मन मैं आई दुर्भावना मन मैं ही दबाई !
और बड़े प्यार से पूछा आप कौन है मेरे प्यारे भाई !
आप को हमारी नींद ख़राब करते हुए जरा भी शर्म न आई !
वो बड़े ही नजाकत से बोला अस-सला-अलेकुम सचिन भाई !
हमारे मन को उनका ये मखमली, नजाकती लहजा बड़ा भाया !
हम बोले माफ़ करना भाईसाहब मैं आपको पहचान नहीं पाया !
बो बोला पहचानोगे कैसे सदियों बाद इस धरती पर आया हूँ !
खाकसार को मजनू कहते हैं और साथ मैं लैला को भी लाया हूँ !
उनके साथ खड़ी लैला को देखकर मेरी बुद्धि जोर से चकराई !
अबे ये भूतपूर्व प्रेमियों की हिट जोड़ी आज मेरे घर कैसे चली आई !

LM1मैंने दोनों का अभिवादन कर कहा आप अन्दर तो आइये !
और परी – लोक से भू-लोक मैं आने का कारण बताइए !
मजनू बोले, क्या बताऊँ भाई लैला कई दिनों से मुझसे लड़ रही थी !
और कमबख्त धरती पर घूम कर आने की जिद पकड़ रही थी !
कहती थी चलो मजनू धरती पर घूमने जाते हैं !
और कलयुगी प्रेमियों की दशा जान कर आते हैं !
इस बीच लैला ने पहली बार अपनी जुबान की खिड़की खोली !
आप हमें आजकल के प्रेमियों के बारे मैं बताइए मुझसे ये बोली !
मैं बोला लैला आपा ऐसे तो मैं आपको ज्यादा क्या बता पाऊंगा !
मगर आप हमारे मेहमान है सो बिना बताये भी नहीं रह पाउँगा !
चलिए मैं अपने दिमाग की बुझी हुई बत्ती फिर से आपके लिए जलाता हूँ !
और लैला मजनू के साथ पाठकों को भी Modern प्रेमियों की कथा सुनाता हूँ !

प्रथम अध्याय प्रारंभ

MTALKअब पहले की तरह लैला मजनू की याद मैं नहीं रोती है !
क्योंकि 24 घंटे उसके पास मजनू की जानकारी होती है !
मजनू जमाने के पत्थर खाने के बाद जहाँ भी जाता है !
तुरंत मोबाइल से लैला को अपने पिटने की दास्तान सुनाता है !
अपने 2500 Megha Pixel कैमरे से अपने तन के जख्म दिखाता है !
और फ़ोन पर ही इन जख्मों पर लैला की लाखों पप्पियाँ पाता है !
लैला भी अब कोई “पत्थर से ना मारो मेरे दीवाने को नहीं गाती है ”
“लैला, लैला की जवानी”, “लैला बदनाम हुई मजनू तेरे लिए गाती है” !
उसे कम कपड़ों मैं देख मजनू को छोड़ पब्लिक उसके पीछे पड़ जाती है !
अब मजनू को चिट्ठी भेजने को नहीं जरुरत किसी कबूतर की !
30 रूपए मैं चाहे जितने SMS करो जरुरत है सिर्फ एक पैसे की !
मजनू अब अब लैला का नाम कहीं जमीन पर नहीं लिखता है !
किसी और का भेजा SMS तुरंत लैला को Forword करता है !
अब लैला मजनू अकेले नहीं, Net पर Chat का समूह बनाते हैं !
बातों – बातों मैं कोई पटी तो पटी वर्ना E – Freind कहलाते हैं !
Modern लैला मजनुओ को अब सरकारी मान्यता भी प्राप्त है !
एक बार कोर्ट मैं जाने पर समझो घरवालों की सीमा समाप्त है !
सरकार कह रही है अब शादी के बिना भी प्रेमी एक साथ रहें !
शादी से पहले ही Product इस्तेमाल करे फिर विश्वास करें !
और आजकल की Modern लैलायें भी क्या गजब ढा रही हैं !
टीवी चेनल्स पर ही मजनुओ का लोयल्टी टेस्ट करा रही हैं !
और जो मजनू फेल हुआ उसमे सरे आम सेंडिल जमा रही हैं !
और टीवी पर ये प्रायोजित कार्यक्रम दिखाकर अपनी TRP बढ़ा रही हैं !
ये कमबख्त मजनू भी पिटने के बाद सीधे रान्झाओं के पास जा रहे है !
और फिर दोनों मिलकर आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ गा रहे हैं !
इन दोनों का प्यार देखकर लैलाओं के भाव भी अब कुछ नीचे आ रहे हैं !
लैला हीर से कहती है देख सखी ये कल्मुये कैसे दोस्ताना बना रहे हैं !

द्वितीय अध्याय प्रारंभ

RB2

MODERN लैला-मजनू की इतनी कथा सुनकर लैला और मजनू थोडा सा घबरा गए
आजकल की लैला के कपडे देख थोडा शर्मा गए !
मजनू बोला modern लैलाओं के कपडे कहाँ गए !
दरजी ने कपडा खा लिया या मशीन मैं फंसकर उधड गए !
मैं बोला लैला आपा लाल दुपट्टे भी अब नहीं लहरा रहे हैं !
ये तो बस अब लैलाओं के मुंह छिपाने के काम आ रहे हैं !
Modern मजनू लैलाओं पर पैसे भी खूब लुटा रहे हैं !
बाप की गाढ़ी कमाई से पीजा और Ice Cream खिला रहे हैं !
लैलाओं को भी ऐसे ही मालदार मजनू बहुत भा रहे है !
बाकी आपसे फटेहाल मजनू आज भी JJ पर धक्के खा रहे हैं !
इतनी कथा कहने के बाद मैंने कहा आगे कथा और सुनेंगे !
या फिर कल मेरे साथ चलकर ऐसे प्रेमियों से खुद मिलेंगे !
ये सुनकर दोनों एक स्वर मैं बोले न ही सुनेंगे न ही मिलेंगे !
आपका बहुत – बहुत शुक्रिया जनाव अब हम वापस निकलेंगे !
हमारा एक दिन का ही वीसा था वर्ना हम वापस परीलोक न जा पायेंगे !
और आपकी कथा सुनने के बाद हम इस भू लोक मैं भी न रह पायेंगे !
जाते जाते मजनू जी हमें अपना Branded कुरता थमा गए !
धन्य थे वे लैला मजनू जो सदा के लिए दुनिया के दिलों मैं समां गए !

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148 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sudhajaiswal के द्वारा
August 6, 2013

सचिन जी, वाह बहुत खूब!! आपकी ये मॉडर्न लैला मजनु पुराण बहुत ही रोचक लगा |

    allrounder के द्वारा
    August 6, 2013

    आपका हार्दिक धन्यवाद सुधा जी ……… आप इस कविता तक पहुंची और इसे पसंद किया ये मेरी सबसे पसंदीदा रचनाओं मैं से एक है …

Maverick के द्वारा
May 28, 2011

Kewl you shloud come up with that. Excellent!

soni garg के द्वारा
January 8, 2011

वाह ! सचिन जी बहुत खूब कथा सुनाई आपने लैला मजनू की ……….अरे नहीं मोर्डन लैला मजनू की !!!! देर से ही सही लेकिन ब्लोगर ऑफ़ थे वीक बन्ने के लिए बधाई ! सचिन जी मैं आपकी रचनाओं की आज भी उतनी ही प्रसंशक हु जितनी पहली थी ! इसलिए मेरी किस बात को गलत ना समझे !!!!

    allrounder के द्वारा
    January 8, 2011

    Soni ji aapka bahut – bahut dhanybaad ! Let latifi aapka puran shauk hai isliye ham aapki kisi bhi baat ko galat nahi samjhenge ! aapka bahut – bahut abhaar !

    Zaylin के द्वारा
    May 29, 2011

    It was dark when I woke. This is a ray of snusinhe.

aftabazmat के द्वारा
January 6, 2011

भाईसाहब आप वास्तव में ब्लॉगर ऑफ़ थे वीक बन्ने के काबिल थे..बधाईइ…

    allrounder के द्वारा
    January 6, 2011

    आफताब जी आपका बहुत-बहुत शुक्रिया !

vijay shukla के द्वारा
January 6, 2011

pyas ka paryay bankar rah gayi hai jindgi Asahay aur nirupay bankar rah gayi hai jindgi sabhyata ke naam par kya net pe aye ham NASHHEELA SHEELA ki jawani bankar rah gayi hai jindgi.A lot of thanks for promoting HINDI.

    allrounder के द्वारा
    January 6, 2011

    Thanks vinay shukla ji, I would have been more happy if you give me comment here in hindi any way thanks a lot.

mihirraj2000 के द्वारा
January 5, 2011

ब्लोगेर आफ द वीक बनने पर ढेरो बधाइयाँ अपने मित्र कर्ण की तरफ से स्वीकार करो दुर्योधन. इसी तरह अपना और अपने मित्र का नाम रौशन करते रहो.

    allrounder के द्वारा
    January 6, 2011

    बहुत बहुत धन्यबाद मित्र कर्ण तुम्हारी बधाई हमें स्वीकार है मित्र !

rddixit के द्वारा
January 3, 2011

महोदय, लैला और मजनूं दोनों डग्‍गामारी करने लगे। एक शेर पर गौर फरमाइए: हमने आपसे तौबा कर ली हुजूर, जब से आप दोस्‍त नए बनाने लगे।

    allrounder के द्वारा
    January 3, 2011

    माननीय दीक्षित जी, आपके अन्दर के लेखक को तो हम देख चुके हैं आज आपने यहाँ ये शेर लिख कर अपने अन्दर के शायर के दर्शन कराये उसके लिए शुक्रिया !

rddixit के द्वारा
January 3, 2011

प्रिय महोदय, आपको बधाई और नव वर्ष की बधाई अलग से।

    allrounder के द्वारा
    January 3, 2011

    दीक्षित जी, आपको भी नववर्ष की बधाई और आपकी वधाई के लिए हार्दिक आभार !

Doctor Jyot के द्वारा
January 3, 2011

Very nice narrating done.

    allrounder के द्वारा
    January 3, 2011

    Thanks Doctor Jyot to appriciate me.

nishamittal के द्वारा
January 3, 2011

बधाई सचिन जी,आप व सचिन नववर्ष में व जीवन में मनोवांछित बुलंदियों पर पहुंचें. दूसरी बधाई आपके ब्लॉगर ऑफ़ दा वीक बनने पर.विलम्ब का कारण नेट की मुझसे नाराजगी.

    allrounder के द्वारा
    January 3, 2011

    निशाजी आपका बहुत – बहुत आभार ! बल्कि आपका दोहरा आभार क्योंकि एक तो आप हमें शुभकामनाये दे रही हैं और साथ ही उस महान हस्ती को भी हमारे माध्यम से शुभकामनाये प्रेषित कर रही हैं इससे सचमुच हमारी ख़ुशी दोहरी हो गई है ! आपको भी हमारी or se navvarsh ki hardik shubhkamnaye !

preetam thakur के द्वारा
January 2, 2011

सचिन जी प्रणाम ! आज एक बार फिर आप के ब्लॉग पर आया सारे कमेंट्स भी पढ़े, सानिया भारत छोडो भी पढ़ा | बहुत अच्छा लगा | हम JJ के निवासी तो आपकी रचना का स्वाद चखते ही रहते हैं परन्तु अब मैं एक ऐसे तरीके की खोज में हूँ जिस से आप का लैला मजनू और सानिया आलेख आसमान पर तांगा जाये ताकिः वोह नमूने भी इनको पढ़ें जिन्हें आपके मार्गदर्शन की ज़रूरत है | मेरी भी दोहरी बधाई स्वीकार करियेगा | प्रीतम

    preetam thakur के द्वारा
    January 2, 2011

    कृपया तांगा को टांगा पढिएगा | Hinglish भी कभी कभी अपना हास्य दिखा देती है :)

    allrounder के द्वारा
    January 3, 2011

    प्रीतम जी प्रणाम ! आपकी इतनी सारी प्रशंशा पाकर निश्चित ही मन प्रफुल्लित हो गया ! प्रीतम जी यहाँ सानिया भारत छोडो लेख जिसका जिक्र आप कर रहे हैं वेह मेरा नहीं मेरे भ्राताश्री रतूड़ी जी का है! हालांकि आपका सुझाव अच्छा है और अगर मेरे और मेरे साथी के लेख को आसमान पर टांगा जाए तो हमें ख़ुशी ही होगी ! एक बार फिर से आपका हार्दिक आभार !

    allrounder के द्वारा
    January 3, 2011

    चिंता मत कीजिये प्रीतम जी, हमने टाँगा को ताँगा ही पढ़ा ! ध्यानाकर्षण कराने के लिए शुक्रिया !

roshni के द्वारा
January 1, 2011

सचिन जी वर्ष २०१० का चर्चित ब्लॉगर बनने के लिए बधाई

    allrounder के द्वारा
    January 3, 2011

    रोशनी जी, आपका बहुत – बहुत आभार !

J.L. Singh के द्वारा
January 1, 2011

एक सचिन मैदान में सिक्स़र ठोंके, आप जो है, कागज पर (कंप्यूटर पर) छक्का फेंके. लैला मजनू सुनकर आपकी दास्ताँ भले ही झेपें. पर हम भला, अपने को हंसने से कैसे रोकें.

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    आपका बहुत – बहुत आभार भाई जी !

    Rawal Kishore के द्वारा
    January 1, 2011

    वाह उस्ताद वाह !

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    आपका बहुत – बहुत आभार भाई जी !

आर.एन. शाही के द्वारा
January 1, 2011

सचिन जी, ब्लागर आफ़ वीक एवं नववर्ष की ढेर सारी बधाइयां और शुभकामनाएं । दो वर्षों के मिलन के अवसर पर आपको मिला यह तोहफ़ा नायाब है । ऐसे ही ढेर सारे और नए-नए तोहफ़ों के लिये भी शुभकामनाएं ।

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    शाही जी, आपका बहुत – बहुत धन्यबाद !

s.s.agrawal के द्वारा
January 1, 2011

सचिन जी बहुत बढ़िया लिखा है.अच्छा खाका खीचा है आधुनिक ज़माने के युवाओ का और आज के प्रेमियों का अच्छा लगा सत्य शील अग्रवाल

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    अग्रवाल जी , आपको हमारा खींचा खाका अच्छा लगा! हमारा लिखने का प्रयास सफल हुआ, प्रशंशा के लिए आपका आभार !

Deepak Sahu के द्वारा
January 1, 2011

sachin ji ab to apka double celebration ka din hai. Blogger of the week banne ke liye badhayi. And very very happy new year to u and ur family. Deepak

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    दीपक जी, बिलकुल सही कहा आपने आज हमें भी ऐसा लग रहा है की हमने दोहरा शतक जड़ दिया, सचमुच दोहरी ख़ुशी हुई है आज ! आपको भी नववर्ष की बहुत – बहुत शुभकामनाये !

Alka Gupta के द्वारा
January 1, 2011

कृपया ’ यह ‘ को यही पढ़ें |

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    अलका जी ध्यानाकर्षण के लिए धन्यबाद ! हम यह को यही पढेंगे !

Alka Gupta के द्वारा
January 1, 2011

सचिन जी ब्लॉगर ऑफ़ द वीक बनाने की हार्दिक बधाई ! वाह ! क्या खूब लिखी लैला मजनू की कहानी यह तो आज की जुबानी है ! नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं !!

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    अलका जी आपको भी नववर्ष की बहुत – बहुत शुभकामनाये ! आपकी कवितामय बधाई के लिए आपका आभार अलका जी !

preetam thakur के द्वारा
January 1, 2011

आल राउंडर जी ! बहुत बढ़िया ! keep it up !

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    प्रीतम ठाकुर जी, आपका बहुत – बहुत आभार ! आप सबकी शुभकामनाये रही तो आगे भी हम आगे भी इसी प्रकार लिखते रहेंगे !

umesh prajapati के द्वारा
January 1, 2011

Hi Dear Happy New Year 2011 to You Thanks for this jok I’m So happy you of good poem I have read this on New year & feel get good.

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    Thank you very much Mr umesh prajapati for your wishes and appriciation . Happy new year .

Ramesh Bharti SAHIL के द्वारा
January 1, 2011

Hi Dear Happy New Year 2011 to You Thanks for this jok I’m So happy you of good poem I have read this on New year & feel get good.

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    Hello Dear freind, I am very happy to know that you have feel good after reding my poem. I also wish you Happy new year. Thanks for appriciate me.

Ankit के द्वारा
December 31, 2010

सचिन भाई आप को बहुत बहुत बधाई …. और साथ ही नए साल २०११ की बहुत शुभकामनायें… नववर्ष मंगलमय हो …….

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    अंकित जी बधाई के लिए आपका आभार ! और आपको भी हमारी ओर से नवबर्ष की बहुत – बहुत शुभकामनाये !

Ankit के द्वारा
December 31, 2010

बहुत सुन्दर भाई यार क्या ब्लॉग लिखा गजब है …. लैला मजनू की दास्ताँ….

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    अंकित जी, आपको ब्लॉग पसंद आया, आपकी प्रशंशा हमें प्राप्त हुई, हमारा मन हर्षित हुआ ! धन्यबाद !

atharvavedamanoj के द्वारा
December 31, 2010

लाली छाये दशों दिशा में, जगमग जगमग हो जग सारा | नवल वर्ष के नव प्रभात को विनत हमारी, नमन हमारा || शीतल, मलय सुवासित नंदन वन सा मह मह महके भारत | कोकिल सा कूके इस जग में खग सा चह चह चहके भारत | फटे शत्रुओं पर बन घातक ज्वाला भक् भक् भभके भारत | शौर्य, तेज का तीक्ष्ण हुताशन बनकर दह दह दहके भारत | तड तड टूटे सारे बंधन जीर्ण शीर्ण हो सारी कारा | नवल वर्ष के नव प्रभात को विनत हमारी नमन हमारा || शेष फिर कभी वंदे भारत मातरम मनोज कुमार सिंह मयंक एक हिंदू आतंकवादी

    Alok Krishan Agarwal के द्वारा
    December 31, 2010

    नववर्ष की बधाई। नववर्ष मंगलमय हो

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    वन्देमातरम, मनोज भाई, नव वर्ष के इस अवसर पर बदन मैं सिहरन पैदा करती भारत माता की यह स्तुति हमें पुलकित कर गई ! वन्देमातरम !

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    अलोक किशन अग्रवाल जी, आपको भी नववर्ष मंगलमय हो !

    Emmly के द्वारा
    May 28, 2011

    At last! Someone who understands! Thnaks for posting!

kanchan के द्वारा
December 31, 2010

नववर्ष पर शानदार तोहफा के लिए आपको तहेदिल से बधाई। नववर्ष मंगलमय हो…

    allrounder के द्वारा
    December 31, 2010

    कंचन जी आपको भी नववर्ष की बहुत – बहुत शुभकामनाये ! आपको हमारा तोहफा पसंद आया हमारा लिखना सफल हुआ ! आपका आभार !

December 31, 2010

भ्राताश्री साल के जाते जाते सिक्स़र ठोक ही दिया, ओ जी क्या बात है त्वाड्डी, नया साल मुबारक हो.

    allrounder के द्वारा
    December 31, 2010

    भ्राताश्री ये सिक्सर तुम्हे समर्पित है, जिस दिन तुमने अपनी गाडी पर भूतपूर्व ब्लोगेर ऑफ़ द वीक की तख्ती लगाईं थी उसी दिन हमने ठान लिया था की अपने भाई को ये तोहफा देंगे ! अब तुम फिर से अपनी गाडी पर ब्लोगेर ऑफ़ द वीक की तख्ती लगा सकते हो अपने भ्राताश्री की और से ! तुम्हे भी नए साल की हार्दिक शुभकामनाये !

    December 31, 2010

    भ्राताश्री आपका तोहफा हमें बहुत पसंद आया, इसी तरह से तोहफे देते रहो और पाते रहो. एक तोहफा हमारी और से भी आपके लिए है. मेरी नयी पोस्ट “ब्लाग्गर आफ द इयर” आपके पेशे खिदमत है, जरा गौर फरमाइयेगा.

    allrounder के द्वारा
    December 31, 2010

    भाई का तोहफा स्वीकार करने के लिए धन्यबाद ! हम अभी देखते हैं हमारे भ्राताश्री ने hame kya तोहफा bheja hai !

    Zeal के द्वारा
    May 28, 2011

    Superior thinking demonstrated above. Tahnks!

R K KHURANA के द्वारा
December 31, 2010

प्रिय सचिन जी, सप्ताह का ब्लागर बनने पर हार्दिक बंधाई और आशीर्वाद ! नया वर्ष आपके लिए नई खुशियाँ लेकर आये ! राम कृष्ण खुराना

    allrounder के द्वारा
    December 31, 2010

    आदरणीय पितामह प्रणाम, सप्ताह का ब्लागर बनने से ज्यादा ख़ुशी इस बात की है की जाते हुए वर्ष मैं आपका आशीर्वाद एक बार फिर से प्राप्त हुआ ! आपको भी नव वर्ष मंगलमय हो !

Dharmesh Tiwari के द्वारा
December 31, 2010

सचिन जी नमस्ते, भाई साहब ब्लोगर ऑफ़ द विक बनने पर द्गेरों बधाईयाँ और नए वर्ष की ढेरों शुभकामनायें,धन्यवाद!

    allrounder के द्वारा
    December 31, 2010

    भाई धर्मेश जी आपका हार्दिक आभार ! और मेरी ओर से भी आपको आने वाले वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

ashutoshda के द्वारा
December 31, 2010

सचिन जी नमस्कार सचिन जी ब्लागर अफ दा वीक बनने पर हार्दिक बंधाई आशुतोष दा

    allrounder के द्वारा
    December 31, 2010

    नमस्कार आशुतोष जी, आपका हार्दिक आभार ! आपको नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

Ravi Vishnoi के द्वारा
December 31, 2010

आपने एकदम सही और बहुत ही सुन्दर शब्द लिखे है सचिन जी आजकल की यही दशा है प्रेम के नाम पर पास खिलवाड़ और टाइम पास ही रह गया है और ये प्रचलन शहर में तो था ही गाँव की और ज्यादा बढ रहा है और खासकर लडकियों के बारे में जो आपके शब्द है बिलकुल है है धन्यवाद रवि विश्नोई मुरादाबाद

    allrounder के द्वारा
    December 31, 2010

    रवि जी, आपको हमारी रचना पसंद आई उसके लिए आपका आभार ! दरअसल हम लोग यहाँ कुछ लिखते हैं तो तभी लिखते हैं जो हमारे आस – पास घट रहा है उसी को देखकर लिखते हैं ! आपको भी इसमें सच्च्चाई नजर आई यह जानकर बड़ी सुखद अनुभूति हुई !

omprakash pareek के द्वारा
December 31, 2010

sachinji, Congrats ! for being voted as most viewed blogger on jagranjunction. Also lots and lots of good wishes for the New year 2011. oppareek43

    allrounder के द्वारा
    December 31, 2010

    O.P. pareekji thank you very much for your warm wishes and I wish you very Happy new year to you and thank you once again to encaurage me sir.

roshni के द्वारा
December 31, 2010

सचिन जी most viewed blogger of the week बनने पर मेरी और से हार्दिक बधाई ……. युही उन्नति करते रहे . नए साल की ढेरों शुभकामनाओ सहित

    allrounder के द्वारा
    December 31, 2010

    रोशनी जी, आपका बहुत – बहुत आभार शुभकामनाओं के लिए ये सब आप लोगों के प्रोत्साहन और स्नेह का ही असर है, जो मुझे इस प्रतिष्ठित स्थान के लिए चुना गया !

    Yancy के द्वारा
    May 29, 2011

    Such a deep ansewr! GD&RVVF

    Andralyn के द्वारा
    May 29, 2011

    AFAIC that’s the best awnesr so far!

abodhbaalak के द्वारा
December 29, 2010

sachin ji keval ek shabd kahoonga is modern Laila Majnu ke liye- ZABARDAST, aapki kalpna ki shakti ki daad deni hogi, sahi hai ki “jahan na pahunche Ravi- wahan pahunche Kavi”

    allrounder के द्वारा
    December 29, 2010

    अबोध जी, बहुत – बहुत धन्यबाद आपके इस एक जबरदस्त शब्द के लिए ! प्रशंशा के लिए हार्दिक आभार !

    rupeshkr24 के द्वारा
    December 31, 2010

    Very Nice And Zabardast aapki Kalpna hi

    allrounder के द्वारा
    December 31, 2010

    भाई rupeshkr24 आपकी प्रतिक्रिया का बहुत – बहुत शुक्रिया मगर आपका दूसरा तरीका हमें चकित कर गया भाई !

Anil khare के द्वारा
December 28, 2010

भाई जी, आधुनिक युग के लैला मजनू का आपका ये गिफ्ट पैक बहुत ही शानदार था ! आशा है आप और भी पुरानी जोड़ियों को अपने घर बुलाएँगे !

    allrounder के द्वारा
    December 28, 2010

    अनिल जी, आपको लल्ला मजनू का ये गिफ्ट पैक अच्छा लगा ये जानकार हमें बड़ा अच्छा लगा ! आप की इक्षा का सम्मान करते हुए हम अवस्य ही ऐसी ही कुछ और जुगल जोड़ियों को अपने सपने मैं बुलाने की चेष्टा करेंगे ! आपका आभार !

bhaijikahin by ARVIND PAREEK के द्वारा
December 28, 2010

प्रिय श्री सचिन देव आलराउंडर जी, वास्‍तव में आप आलराउंडर ही हैं। किस्‍सा या हास्‍य कविता कुछ भी कहिए है गजब की। कािा कहती है आज के समय की। तभी तो आदरणीय निशा जी बार-बार आती है और अपना प्‍यार कमेंट के रूप में उड़ेल जाती है। बहुत अच्‍छे तरीके से आपने आधुनिक प्रेमियों का कच्‍चा-चिठ्ठा खोज दिया है। संभल जाइये कही आते-जाते ये आपको अपनी हिट-लिस्‍ट में ना ले लें। अरविन्‍द पारीक

    allrounder के द्वारा
    December 28, 2010

    आदरणीय अरविन्द जी, प्रशंशा के लिए बहुत – बहुत शुक्रिया! अब चिटठा तो खोल ही दिया है, कोई हिट – लिस्ट मैं ले भी ले तो कोई चिंता नहीं जब तक आप जैसे साथियों का स्नेह और साथ है, तब तक मेरा कुछ नहीं बिगड़ने वाला ! आपका एक बार फिर से आभार !

nishamittal के द्वारा
December 26, 2010

सचिन जी,जब लैला मजनूँ आपके घर पधारे थे आपने तो उनकी तुलना आधुनिक बहुवाद के सिद्धांत वाले प्रेमी-प्रेमिकाओं से करके उन बेचारों की खातिरदारी भी नहीं करी ,बेचारों को लगा होगा कि जमाना बदल गया है वो आऊट डेटेड हैं क्योंकि वो तो एक के सिद्धांत पर अटल हैं और आज……. 

    allrounder के द्वारा
    December 27, 2010

    निशाजी उन लैला मजनू ने मुझे खातिर दारी का अवसर ही नहीं दिया, वे तो आधुनिक लैला मजनू की कहानी सुनकर लौटती ट्रेन से वापस निकल लिए, वर्ना हमारी खातिरदारी कैसी होती है ये तो हमारे शहर का बच्चा बच्चा जानता है, फिर भी आगे से आपकी इस बात का ख्याल रखेंगे की अपनी कथा सुनाने से पहले घर आये मेहमान की खातिरदारी पहले करे वर्ना लैला मजनू की तरह ये भी बिना चाय नाश्ता किये न निकल जाए !

December 25, 2010

अमां यार भ्राताश्री क्या लिखते हो. मैं तो सानिया मिर्जा पर तुम्हारी कविता से ही अभिभूत हो गया था बल्कि उसे टेप भी लिया था. सानिया पर हमले कि शुरुआत तुमने ही की थी भैया. मैं तो अभी नया-नया हूँ. बुरा मत मानना पर हास्य और उसमे भी पध्य में तुम ज्यादा माहिर लगते हो. और जब भी किसी को अपना नाम बताना हो सीधा बोल दिया करो कि सचिन कभी कभी बालिंग भी कर लेता है.

    allrounder के द्वारा
    December 27, 2010

    भ्राताश्री सही फ़रमाया तुमने सानिया पर हमने शुरू मैं बहुत प्रहार किये पूरे 5 एपिसोड निकाले, मगर यार अब कन्या पराई हो चुकी है इसलिए हमने उन पर अपनी बेटिंग बंद कर दी है, मगर अब तुम शुरू हो गए खैर लगे रहो मुन्ना भाई ! और तुमने हास्य और पध मैं हमें माहिर मन उसके लिए आभार ! और नाम मैं क्या रखा है यार किसी नाम से कोई बुलाये मन मैं स्नेह होना चाहिए, और फिर ये बात तुमने सही बताई की सचिन ने कई बार अपनी बोलिंग से भी भारत को मैच जिताए हैं !

Arunesh Mishra के द्वारा
December 25, 2010

क्या खूब लिखा सचिन जी.

    allrounder के द्वारा
    December 27, 2010

    आपका हार्दिक आभार अरुणेश जी, प्रशंशा के लिए !

div81 के द्वारा
December 25, 2010

सचिन जी आप को आधुनिक मजनुओं का गाना भी सुना देना था “मैं लैला लैला चिलाऊंगा कुर्ता फाड़ के ” अच्छी और मजेदार प्रस्तुति के लिए धन्यवाद

    allrounder के द्वारा
    December 27, 2010

    दिव जी आपका बहुत बहुत आभार, कविता की प्रशंशा करने के लिए ! और आपका धन्यबाद इतना अच्छा गाना suggest करने के लिए अगली मर्तबा जब भी लैला मजनू विषय पर कुछ लिखूंगा तो आपका ये गाना अवश्य लिखूंगा ! आपका बहुत – बहुत धन्यबाद !

rita singh \'sarjana\' के द्वारा
December 25, 2010

सचिन जी , अलग ही अंदाज़ में सुन्दर पोस्ट पर बधाई l

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    रीता जी, नमस्कार क्या करें हमारा नाम Allrounder रखा है तो, अंदाज भी बदलते रहने पड़ते हैं, वर्ना अपने उधार के नाम से न्याय कैसे कर पायेंगे ! कविता आपको पसंद आई इसके लिए आभार !

Dharmesh Tiwari के द्वारा
December 25, 2010

सचिन जी नमस्कार,आधुनिक लैला मजनुओं की प्रस्तुती जबरदस्त है भाई साहब,अंत में सुक्रिया इन लैलाओं की जो भविष्य के लिए वस्त्र सुरझित करते दिख रही है,धन्यवाद!

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    नमस्कार धर्मेशजी कविता आपको अच्छी लगी उसके लिए आभार ! आपने सही कहा लगता है आजकल की लैलाये कपडा बचने की मुहिम चला रही हैं ! खैर खुदा सलामत रखे इन MODERN मजनुओ को !

ashutoshda के द्वारा
December 25, 2010

महोदय मझे आपका नाम नहीं पता वैसे आपने नाम की जगह allraunder लिख रखा है अगर नाम लिख देते तो प्रतिक्रिया देने में आसानी होती है बाकि लोग आपको सचिन जी कह कर सम्भोधित कर रहे है तो में भी आपको इसी नाम से सम्भोधित कर रहा हूँ सचिन जी प्रणाम बहुत ही अच्छी रचना की आपने लैला मजनू की वाकई न अब पहले जैसी लैला है और न मजनू अब तो प्रेम की व्याख्या ही बदल गयी है सुंदर रचना के लिए बंधाई आशुतोष दा

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    भाई आशुतोष जी, नाम मैं क्या रखा है, आपको हमारा काम पसंद आया हमारी मेहनत सफल हुई और आपने हमारा नाम भी सही ढूंढ ही लिया सचिन देव हमारा नाम है, और भाई इसे चेंज तो हम भी करने के चक्कर मैं हैं मगर Allrounder नाम से हमें बड़ा लगाव है इसलिए इसका मोह नहीं त्याग पा रहे ! आपको लैला मजनू की कविता पसंद आई इसके लिए आपका आभार ! वैसे एक प्रश्न का उत्तर आपसे भी चाहूँगा आपके नाम आशुतोष के साथ दा जुदा है जहाँ तक मेरी जानकारी है बंगाली मैं दा से बड़े भाई को संबोधन करते है, यदि उचित समझे तो प्रकाश डालें ! आपका बहुत – बहुत आभार !

kmmishra के द्वारा
December 25, 2010

जेजे पर धक्का खाने वाले मजनुओं से तो इस प्यारे ओरिजनल मजनूं की किस्मत अच्छी थी । लैलाओं का तो बस एक ही नारा है ला, ला, ला, । ऐ, इधर आ । ला, ला, ला, ला, । खली जेब ! साले फुट । ओये तू ! आ आ आ ।

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    नमस्कार भाई मिश्राजी, मेरी समझ मैं नहीं आ रहा भाई साहब आप कमेन्ट दे रहे हैं या अदालत मैं Judge साहब के सामने Modern मजनुओं का पक्ष रख रहे हैं ! आपका आभार मिश्राजी !

danishmasood के द्वारा
December 25, 2010

अच्छा वयंग्य है।

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    तारीफ के लिए आपका बहुत – बहुत शुक्रिया जनाब !

aditya के द्वारा
December 25, 2010

सचिन जी, बहुत ही उम्दा ढंग है अपनी बात को कहने का. बहुत-बहुत बधाई. आजकल लैला के बजे बदनाम मुन्नी और जवान शीला फैशन में हैं. लैला मजनू की तरह आज में प्रेमियों के कमिटमेंट भी नहीं है, अच्छा ही है. वर्ना इतनी बढ़िया कविता कैसे मिलती. आदित्य http://www.aditya.jagranjunction.com

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    आदित्य जी, आपका बहुत – बहुत आभार कविता आपको पसंद आई और इस कविता ने हमें आपकी प्रशंशा भी दिलाई, हमने आपकी बधाई, अपने हिरदय से लगाईं ! धन्यबाद आपका भाई !

Rashid के द्वारा
December 25, 2010

क्या बात है सचिन भाई !! आज के लैला मजनू भी hi -tech हो गए है, वैसे यह जानकार दुःख हुआ की परीलोक से यहाँ आने के लिए भी वीसा सिस्टम लागू हो गया अब परियो की कल्पना छोडनी पड़ेगी वैसे पहले ख्वाब में परियां दिख जाया करती थी लेकिन लगता है यह चैनल भी अब paid हो गया है !! टाटा sky लगवाना ही पड़ेगा !! फटेहाल मजनू आज भी JJ पर धक्के खा रहे हैं – उम्मीद है आप जल्दी ही विकिलीक्स पर इन मजनुओ की लिस्ट जारी करेंगे !! राशिद http://rashid.jagranjunction.com

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    बहुत – बहुत धन्यबाद राशिद भाई इतनी मजेदार प्रतिक्रिया देने के लिए ! भइय्या आजकल दुनिया का हाल देखकर उपरवाला भी ऊपर से भेजने मैं डरने लगा है इसलिए बीजा सिस्टम लगा दिया ताकि पता तो रहे धरती से किसी को सुरक्षित लाना है ! बाकी JJ के फटेहाल मजनुओं की लिस्ट मुझसे जारी मत कराओ यार मैं विकिलीक्स से contact कर रहा हूँ सोच रहा हूँ उन्ही को सौंप दूं ! आपका बहुत – बहुत आभार !

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    Thanks Harvinder ji I will defenetly visit your link

nishamittal के द्वारा
December 25, 2010

सचिन जी वास्तव में हरफनमौला हैं आप.ज्यादा बखिया उधेडी है पर सच्चाई आपने लेकिन मनोरंजक प्रस्तुती.

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    निशाजी नमस्कार, चलिए अन्तोत्गत्वा आपने मान ही लिए की हम वास्तव मैं हरफनमौला हैं, और ये जानकार हमें बड़ी ख़ुशी हुई की हम अपने नाम के साथ न्याय कर सके ! मगर आपकी प्रतिक्रिया कुछ अधूरी सी लग रही है ऐसा लग रहा है किसी ने boundry Line से थ्रो फेंकी हो मगर Wicketkeeper तक सही पहुँच नहीं पा रही ! खैर आपका बहुत – बहुत आभार !

Syeds के द्वारा
December 24, 2010

सचिन भाई,बेहतरीन व्यंग, आज कल की लैलाओं और मजनुओं पर… बड़े अफ़सोस कि बात है आज मोहब्बत टाइम पास के lie रह गयी है… खूबसूरत कविता http://syeds.jagranjunction.com

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    Syeds भाई आपका बहुत – बहुत आभार ! कविता आपको पसंद आई और आपने आजकल की मोहब्बत पर अफ़सोस भी जाहिर किया उसके लिए ! आशा है की ये modern लैला मजनू इससे ज्यादा गर्त मैं नहीं जायेंगे !

mihirraj2000 के द्वारा
December 24, 2010

आज बहुत दिनों बाद कुछ पढ़ कर इतना हँसा.एक शब्द लाजबाब…

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    मित्र मिहिर ये मेरी खुशकिस्मती है की अपनी कलम से मैं अपने अजीज मित्र के चेहरे पर हंसी ला सका, एक मित्र के लिए इससे सुकून की बात और क्या हो सकती है ! तुम्हारा बहुत – बहुत आभार मित्र !

Amit Dehati के द्वारा
December 24, 2010

और क्या बताऊँ मेरा भी बहुत बुरा हाल है , लैला दूसरा boyfriend पटाके मालामाल है , और इधर मेरा फटेहाल है ………. आपका पोस्ट ज्ञानवर्धक है . !!!!!!!!!!! अच्छी रचना , !!!!!!!!!!!! हार्दिक बधाई ! http://amitdehati.jagranjunction.com

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    अमित भाई, आपने मेरी कविता मैं अपनी दस्ताना कवितामई ढंग से जोड़कर मेरी कविता को और भी रोचक बना दिया है, हमारी यही दुआ है की आप भी फटेहाल मजनू से मालामाल मजनुओं की श्रेणी मैं आ जाएँ ! और अपनी लैला को पीजा और Ice – Cream खिलाएं , और वो भी अपनी कमाई से ! आपका बहुत – बहुत आभार !

Ramesh bajpai के द्वारा
December 24, 2010

सचिन जी बहुत लाजबाब | बेहतरीन पोस्ट , और कहने का अंदाज क्या खूब | बधाई

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    आदरणीय रमेश जी, आपकी प्रोत्साहित करती इस प्रतिक्रिया से हमें और भी अच्छा लिखने की प्रेरणा मिलेगी आपका बहुत बहुत आभार !

Aakash Tiwaari के द्वारा
December 24, 2010

सचिन जी, लाजवाब ,बहुत ही अच्छी लेखनी से सरोबार व्यंग और एक संदेश जो की लोगों को कुछ याद दिलाती है….गजब …बहुत-बहुत बधाई…. आकाश तिवारी

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    बहुत – बहुत धन्यबाद आकाश जी, एक अच्छे व्यंग की परिभाषा ही यही होती है, की उसमें मनोरंजन के साथ – साथ सन्देश भी हो, और मेरी इस कविता मैं आपको मनोरंजन के साथ सन्देश भी मिला इसलिए मेरा लिखना सार्थक हुआ !

    preetam thakur के द्वारा
    January 2, 2011

    तिवारी जी प्रणाम ! एक बार शुश्री माया वती जी ने भी अपने भाषण में ‘ सराबोर ‘ को सरोबार कहा था | आज आप की प्रतिक्रिया पढ़ कर मुझे संदेह हो रहा है के असल में यह शब्द है क्या? प्रीतम

    allrounder के द्वारा
    January 3, 2011

    Preetam ji mujhe lagta hai kisi aur ka comment aaj aap mere post par kar gaye ! lagta hai aap bahut prasanna hain mujhse !

अजय कुमार झा के द्वारा
December 24, 2010

कमाल की अभिव्यक्ति ….बहुत बेहतरीन ..

    allrounder के द्वारा
    December 25, 2010

    नमस्कार अजय भाई, प्रशंशा के लिए आपका हिरदय से आभार !

    Ruvell के द्वारा
    May 30, 2011

    Now we know who the snesible one is here. Great post!

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
December 24, 2010

सचिन जी……… लैला भी अब कोई “पत्थर से ना मारो मेरे दीवाने को नहीं गाती है ” “लैला, लैला की जवानी”, “लैला बदनाम हुई मजनू तेरे लिए गाती है” ! खूबसूरत व्यंग………. आज कल लैला नहीं शीला चर्चा मे है……….. बधाई…..

    allrounder के द्वारा
    December 24, 2010

    पियूष जी, बहुत – बहुत धन्यबाद कविता पसंद करने के लिए ! भैय्या अब तो मुन्निया और शीलायें ही छाई हैं ! लैला तो बेचारी कहीं कोने मैं आंसू बहा रही हैं !

roshni के द्वारा
December 24, 2010

सचिन जी धन्य थे वह लेला माजून जो आपके घर में आ गए उनके साथ साथ हम सब को भी आप अच्छे किस्से सुना गए .. वह बेचारे तो दोनों पुराने ज़माने के थे , पर हम भी ये modern प्रेम कहानी सुनकर घबरा गए …. सचिन जी इन modern लेला मजुनू को क्या कोई सम्जयेगा जब एक दिन वक्त हाथ से निकलेगा फिर ये पछताएगे .. और चिंता मत कीजिये एक न एक दिन ये प्यार की अहमियत भी समझ जायेगे….. बढ़िया हास्य कविता लिखी अपने तो हमने सोचा हम भी कुछ इसी तरह का कमेन्ट करे …….. अच्छी कविता पर बधाई

    allrounder के द्वारा
    December 24, 2010

    धन्यबाद रोशनी जी, आपकी कवितामई प्रतिक्रिया पर हम भी हर्षा गए ! ये गुजरे जमाने के लैला मजनू हम पर भी पुष्प वर्षा गए ! जो हम आपकी इतनी अच्छी प्रतिक्रिया पा गए ! आपका बहुत – बहुत आभार, रोशनी जी !

    binay kumar mishra के द्वारा
    January 1, 2011

    मजा आ गया क्या खूब कही

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    भाई विनयकुमार जी आपको मजा आया इसके लिए आभार !

    allrounder के द्वारा
    January 1, 2011

    लिए आभारभाई विनयकुमार जी आपको मजा आया इसके !


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